Pawan Kheda (File Photo)
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सुप्रीम कोर्ट से पवन खेड़ा को राहत
प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को तीन मार्च तक कार्रवाई से संरक्षण प्रदान किया है। कोर्ट ने पवन खेड़ा की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए असम और उत्तर प्रदेश सरकार को समय दिया। कोर्ट ने कहा कि तब तक अंतरिम जमानत बरकरार रहेगी। सुप्रीम कोर्ट प्राथमिकी दर्ज करने के खिलाफ पवन खेड़ा की याचिका पर तीन मार्च को सुनवाई करेगी।
महाराष्ट्र में माथेरान की सड़कों पर पेवर ब्लॉक लगाने पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के माथेरान में सड़कों पर पेवर ब्लॉक लगाने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि इससे प्रथम दृष्टया हिल स्टेशन की प्राकृतिक सुंदरता नष्ट होगी। जस्टिस बीआर गवई और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ उन आवेदनों पर विचार कर रही थी, जिनमें मुंबई से लगभग 85 किलोमीटर दूर स्थित एक छोटे से हिल स्टेशन माथेरान में ई-रिक्शा की अनुमति देने और सड़कों पर पेवर ब्लॉक लगाने से संबंधित मुद्दे शामिल थे।
अखिल गोगोई असम में माओवादी गतिविधियों का सरगना : NIA
सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को बताया कि असम के निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई राज्य में माओवादी गतिविधियों के सरगना हैं इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। सोमवार को गोगोई को गिरफ्तारी से सुरक्षा 3 मार्च तक बढ़ाने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।
जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम और जस्टिस पंकज मित्तल की पीठ के समक्ष सुनवाई शुरू होते ही एनआईए की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चार्जशीट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि गोगोई पूर्वोत्तर राज्य में माओवादी गतिविधियों का सरगना है। मैं अपराध की गंभीरता दिखाने के लिए तैयार हूं। वह भाकपा (माओवादी) से जुड़ा हुआ है। उसने माओवादी शिविरों में प्रशिक्षण के लिए कैडरों को भेजा, असम में साजिश रची और व्यापक नाकेबंदी की। सरकारी तंत्र को पंगु बना दिया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए भीड़ को भी उकसाया। मेहता ने कहा, विधायक के खिलाफ 64 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।