सुप्रीम कोर्ट उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव व अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की सुनवाई अगले महीने जनवरी में करेगा। भारत के मुख्य न्यायाधीश(सीजेआई) की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान यादव परिवार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने मामले की सुनवाई बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 2019 में सीबीआई हलफनामा दाखिल कर कह चुकी है कि वह केस की जांच को बंद कर चुकी है।
वहीं याचिकाकर्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी के वकील ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि सीबीआई का कहना है कि उसने केंद्रीय सतर्कता आयोग(सीवीसी) को मुकदमा बंद करने की जानकारी दी थी लेकिन ऐसी कोई सूचना नहीं दी गई। पूरे मामले में राजनीतिक फायदे के लिए गलतियां की गई हैं। इस पर सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि शीतकालीन अवकाश के बाद सभी पक्षों को सुना जाएगा।
दरअसल, अप्रैल 2019 में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे अखिलेश यादव व अन्य को राहत देते हुए सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को साबित नहीं किया जा सका और उसने सात अगस्त 2013 को प्रारंभिक जांच बंद कर दी थी।