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सुप्रीम कोर्ट: मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका पर सुनवाई होगी, मंदिरों में समिति की नियुक्ति का मामला

Sun, 20 Mar 2022 04:08 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

तमिलनाडु के सभी हिंदू मंदिरों में एक ट्रस्टी समिति की नियुक्ति की मांग करने वाली याचिका मद्रास हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। इसके बाद याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने का फैसला लिया है।
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Supreme Court - फोटो : PTI (File)
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के एक फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति व्यक्त कर दी है। इस याचिका में तमिलनाडु के सभी मंदिरों में एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में ट्रस्टी समिति की नियुक्ति करने की मांग की गई थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। 

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न्यायाधीश इंदिरा बनर्जी और जेके महेश्वरी की पीठ ने 16 मार्च को जारी अपने आदेश में तमिलनाडु सरकार और अन्य से इस याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है और इसके लिए उन्हें नोटिस जारी किया है। मद्रास हाईकोर्ट ने इस याचिका पर अपना फैसला पिछले साल नौ दिसंबर को सुनाया था। 

हिंदू धर्म परिषद की ओर से दाखिल की गई है याचिका
मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने 'हिंदू धर्म परिषद' की ओर से दाखिल याचिका पर सुनाया था। याचिका में राज्य और हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग को तमिलनाडु के सभी हिंदू मंदिरों में एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक अरंगलवर समिति (ट्रस्टी समिति) की नियुक्ति का निर्देश देने की मांग की गई थी।
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याचिका में मांग की गई है कि मंदिरों के प्रबंधन के लिए समिति के सदस्यों में एक सामाजिक कार्यकर्ता, एक श्रद्धालु, एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति और एक महिला को शामिल करने का निर्देश दिया जाए। याचिका में दावा किया गया है कि कई मंदिरों का रखरखाव ठीक से नहीं हुआ है और वो बर्बाद हो गए हैं।

याचिका में कई प्राचीन मंदिरों के नष्ट हो जाने का दावा
याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि हाईकोर्ट यह देखने में असफल रहा है कि पिछले कुछ साल से अरंगवलर की नियुक्ति हिंदू मंदिरों में नहीं की जा रही है और कई मंदिरों का नवीनीकरण नहीं हुआ है। याचिका में यह आरोप भी लगाया गया है कि कई मंदिरों की देखरेख नहीं हुई है और कई प्राचीन मंदिर नष्ट हो गए हैं।

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