चर्चित लव जिहाद मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब अखिला उर्फ हादिया ने सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को बयान दिया कि उसे आजादी चाहिए और वह पति के साथ रहना चाहती है। हालांकि शीर्ष अदालत ने हादिया को होम्योपैथ की पढ़ाई पूरी के लिए सलेम (तमिलनाडु) भेजने का आदेश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने केरल पुलिस को हादिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश देते हुए कहा कि उसे जल्द सलेम पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। होम्योपैथिक कॉलेज के डीन को हादिया का अभिभावक नियुक्त करते हुए पीठ ने उसकी किसी भी समस्या को सुलझाने की छूट दी है।
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पीठ ने कॉलेज और विश्वविद्यालय को भी निर्देश दिया है कि हादिया का फिर से दाखिला कराया जाए और उसे हॉस्टल सुविधा दी जाए। इस दौरान उसकी सुरक्षा का जिम्मा तमिलनाडु सरकार उठाएगी और एक महिला सुरक्षाकर्मी भी हर वक्त उसके साथ रहेगी। पीठ में जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी हैं। हादिया पिछले कुछ सप्ताह से अपने माता-पिता के साथ रह रही थी।
जनवरी में फैसला देगी शीर्ष अदालत
दो घंटे चली सुनवाइ में हादिया ने कहा कि वह अपने पति शफीन जहां के साथ रहना चाहती है। केरल हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली इस याचिका पर शीर्ष अदालत में अगली सुनवाई जनवरी के तीसरे हफ्ते में होगी। केरल हाईकोर्ट ने हादिया की शादी को लव जिहाद करार देते हुए इसे निरस्त कर दिया था जिसे उसने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
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पति के खर्चे पर पढ़ाई करने की इच्छा जताई
हादिया ने पति के खर्चे पर पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जताई। मुख्य न्यायाधीश ने जब हादिया से पूछा कि क्या आप सरकारी खर्चे पर पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं तो हादिया ने कहा कि मेरे पति मेरा ख्याल रख सकते हैं।