दिल्ली में एक रूसी महिला और भारतीय पिता के बच्चे की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा है कि जब तक बच्चा नहीं मिलता, तब तक महिला और बच्चे को देश छोड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को तुरंत उनकी तलाश करने, महिला का पासपोर्ट जब्त करने और सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को सतर्क करने के निर्देश दिए हैं।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने आदेश दिया कि महिला और उसके बेटे के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया जाए। साथ ही, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को कहा गया है कि वह यह आदेश देश के सभी हवाई अड्डों और बंदरगाहों तक पहुंचाएं ताकि महिला देश छोड़ न सके। कोर्ट ने यह निर्देश तब दिया जब पिता ने दावा किया कि 7 जुलाई के बाद से उसे पत्नी और बच्चे की कोई जानकारी नहीं है।
रूसी दूतावास की भूमिका पर भी कोर्ट की नजर
कोर्ट को यह भी बताया गया कि 4 जुलाई को महिला को एक रूसी राजनयिक के साथ दूतावास में पीछे के रास्ते से जाते हुए देखा गया था। कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह रूसी दूतावास से संपर्क करे और उस अधिकारी से मिलने की अनुमति ले जिसे महिला के साथ देखा गया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि दूतावास को इस मामले में भारत सरकार की मदद करनी चाहिए।
महिला के वकील की भूमिका पर सवाल
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी पाया कि महिला के वकील ने उसके ठिकाने के बारे में अस्पष्ट और टालने वाले जवाब दिए। इससे कोर्ट ने वकील के आचरण पर गंभीर संदेह जताया। अदालत ने कहा कि आदेश की एक प्रति सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को भी भेजी जाए ताकि उचित कार्रवाई हो सके।
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पहले भी कोर्ट दे चुका है स्पष्ट आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने पहले 22 मई को निर्देश दिया था कि बच्चे की अभिरक्षा सप्ताह में तीन दिन मां को और बाकी चार दिन पिता को दी जाए। अदालत ने यह भी कहा था कि दोनों पक्षों को आदेश का पालन करना जरूरी है। लेकिन अब यह मामला जटिल हो गया है क्योंकि महिला और बच्चा दोनों लापता हैं।
जानें क्या है पूरा मामला
यह विवाद एक भारतीय व्यक्ति और उसकी रूसी पत्नी के बीच बच्चे की अभिरक्षा को लेकर है। बच्चा नाबालिग है और दोनों माता-पिता का दावा है कि उसकी देखभाल की जिम्मेदारी उन्हें दी जाए। महिला 2019 से भारत में रह रही है और शुरू में एक्स-1 वीजा पर आई थी, जिसकी अवधि अब समाप्त हो चुकी है। हाल ही में वह गोकर्ण गुफा में अपने बच्चों के साथ मिली थी। वहीं, पिता ने अदालत में दावा किया कि महिला अदालत के आदेशों का पालन नहीं कर रही और संभवतः बच्चा लेकर देश छोड़ने की कोशिश कर रही है।