सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बुलंदशहर भीड़ हिंसा मामले में मुख्य आरोपी योगेश राज को जमानत देने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। इस हिंसा में पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह की जान चली गई थी। शीर्ष अदालत ने योगेश राज को सात दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।
जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने आदेश में कहा, पक्षकारों के वकीलों को सुनने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि आरोप तय नहीं किए गए हैं। मामला काफी गंभीर है। गोहत्या के बहाने एक पुलिस अधिकारी को पीट-पीट कर मार डाला गया। प्रथमदृष्टया, यह कानून को अपने हाथ में लेने का मामला है। हमारा विचार है कि योगेश राज को सात दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने के लिए कहा जाए। ऐसे में जमानत देने के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जाती है।
पीठ मृतक पुलिस अधिकारी इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्नी रजनी सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पुलिस अधिकारी कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराध स्थल पर गया था और वहां वह गाय की हत्या का विरोध करते हुए एक हिंसक भीड़ का शिकार हो गया।