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Supreme Court Updates: 'न्यायपालिका को ध्वजवाहक बनना होगा'; महिलाओं को स्थायी कमीशन मामले में बोली अदालत

Mon, 08 Apr 2024 12:37 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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लिंग परिवर्तन सर्जरी से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
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सुप्रीम कोर्ट ने देश में अनियंत्रित लिंग परिवर्तन सर्जरी से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने केंद्र और सीएआरए से जवाब मांगा है। साथ ही कोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से जनहित याचिका की सुनवाई में मदद करने को कहा है। जनहित याचिका में केंद्रीय गृह मंत्रालय, सामाजिक न्याय और अधिकारिता, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, कानून और न्याय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालयों को याचिका में पक्षकार बनाया गया है।

तमिलनाडु के मंत्री पेरियासामी को सुप्रीम कोर्ट से राहत
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तमिलनाडु के ग्रामीण विकास मंत्री पेरियासामी के खिलाफ भ्रष्टाचार के एक मामले में कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने कहा कि चूंकि शीर्ष अदालत मंत्री की अपील की जांच कर रही है, जिन्होंने 26 फरवरी के मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी है, जिसने मामले में उन्हें आरोपमुक्त करने के निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया था, इसलिए इस मामले में कार्यवाही चल रही है। मामले पर रोक लगाने की जरूरत है।

सुप्रीम कोर्ट से आप नेता संजय सिंह को झटका
सुप्रीम कोर्ट से आप नेता संजय सिंह को झटका लगा है। सोमवार को गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देनी वाली याचिका अदालत ने खारिज कर दी, जिसमें पीएम मोदी पर कथित शैक्षणिक योग्यता टिप्पणियों के लिए मानहानि मामले में उनके खिलाफ जारी समन को रद्द करने से इनकार कर दिया था। मामले से सुनाई करते हुए पीठ ने कहा कि हम वर्तमान याचिका पर विचार करने के इच्छुक ही नहीं हैं। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने 16 फरवरी को संजय सिंह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मानहानि मामले में उनके खिलाफ जारी समन को रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी।

2006 फर्जी मुठभेड़ मामले में महाराष्ट्र सरकार से मांगा जवाब
मुंबई के पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि उन्हें 2006 के फर्जी मुठभेड़ मामले में मिली आजीवन कारावास की सजा भुगतने के लिए अगले आदेश तक आत्मसमर्पण करने की जरूरत नहीं है। शीर्ष अदालत ने मामले में उनकी जमानत याचिका पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा। 19 मार्च के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ प्रदीप शर्मा की अपील स्वीकार करते हुए, जस्टिस हृषिकेश रॉय और प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने कहा कि वह जमानत याचिका पर नोटिस जारी कर रही है।

सूखा राहत जारी करने की कर्नाटक की याचिका पर सुनवाई की
सूखा राहत राशि से जुड़ी कर्नाटक सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच कोई प्रतिस्पर्धा न हो। केंद्र की ओर से पेश हुए अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरामनी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ को बताया कि वे इस मामले में निर्देश मांगेंगे। शीर्ष अदालत, जिसने पाया कि कई राज्य सरकारों को अदालत से संपर्क करने की आवश्यकता है, ने शुरू में केंद्र से कर्नाटक की याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा। सॉलिसिटर जनरल ने अदालत से मामले की सुनवाई दो सप्ताह बाद करने का आग्रह करते हुए कहा कि वे इस मामले में निर्देश लेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से संबंधित एक मामले में आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले को रद्द कर दिया है। फैसला देते हुए अदालत ने कहा कि शिकायत आईटी अधिनियम अपराध पर आधारित थी, जो पीएमएलए के अनुसार अनुसूचित अपराध नहीं है।  

एनसीएससी के अध्यक्ष और दो सदस्य नियुक्त, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
 राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) के अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति कर दी गयी है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को इस बाबत जानकारी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) के एम नटराज ने मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि एनसीएससी के अध्यक्ष और दो सदस्यों को नियुक्त कर दिया गया है।  गौरतलब है कि पीठ आयोग में सभी रिक्त पदों को भरने के लिए निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने कहा कि आयोग के सदस्यों के दो पद अभी भी खाली हैं। फिलहाल पीठ ने मामले की सुनवाई 19 अप्रैल को तय की है।

 असम में डोलू चाय बागान में यथास्थिति बनाए रखने का सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश
 सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार को राज्य के कछार जिले में डोलू चाय एस्टेट में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। यहां ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण प्रस्तावित है।

मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट के बिना चाय बागान में झाड़ियों को साफ करने के लिए राज्य सरकार से सवाल किया। पीठ ने तापस गुहा और अन्य की ओर से दायर याचिका पर केंद्र, पर्यावरण और वन मंत्रालय, असम सरकार और अन्य को नोटिस भी जारी किया। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि एनजीटी ने फैसले में गलती की है और यहां तक साइट क्लीयरेंस और सैद्धांतिक मंजूरी देने के लिए भी पर्यावरण मंजूरी जरूरी है। एनजीटी ने 25 जनवरी को गुहा और अन्य की याचिका इस आधार पर खारिज कर दी थी कि पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट की प्रतीक्षा है और विचाराधीन एयरपोर्ट के लिए पर्यावरणीय मंजूरी नहीं दी गई है।

15 अप्रैल, 15 जुलाई और 16 अक्तूबर को होंगी यूटीआरसी की बैठकें
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना ने सोमवार को मौजूदा वर्ष में विचाराधीन समीक्षा समितियों (यूटीआरसी) की त्रैमासिक बैठकों का कार्यक्रम जारी किया। ये बैठकें 15 अप्रैल, 15 जुलाई और 16 अक्तूबर को होंगी। हर जिले में गठित एक विचाराधीन कैदी समीक्षा समिति विचार-विमर्श करती है और उन विचाराधीन कैदियों तथा दोषियों की रिहाई की सिफारिश करती है जो अपनी सजा काट चुके हैं या उन्हें दी गई जमानत या छूट के कारण जेल से रिहा होने के हकदार हैं। यह पहल सभी कैदियों की हिरासत की समय-समय पर समीक्षा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के कई निर्देशों को आगे बढ़ाने के लिए है।
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न्यायपालिका को ध्वजवाहक बनना होगा; स्थायी कमीशन मामले में सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय तटरक्षक बल में महिला अफसर को स्थायी कमीशन देने के मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि न्यायपालिका को ध्वजवाहक बनना होगा और राष्ट्र के साथ चलना होगा। इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने कोस्टगार्ड अफसर प्रियंका त्यागी को फिर से सेवा में बहाल कर दिया। प्रियंका को तटरक्षक बल में जनरल ड्यूटी ऑफिसर के रूप में सेवा जारी रखने की अंतरिम राहत दी गई। सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट से इस केस को अपने पास स्थानांतरित किया। पौंठ ने कहा, इस केस में लैंगिक समानता का गंभीर सांविधानिक सवाल उठा है। पीठ ने कहा, पहले महिलाएं बान में शामिल नहीं हो सकती थीं। लड़ाकू पायलट नहीं बन सकती थीं। अब महिला के तटरक्षक बल में शामिल होने का विरोध हो रहा है। अगर महिलाएं आपरेशन थिएटर या सुप्रीम कोर्ट बार में जा सकती हैं, तो वो गहरे समंदर में भी जा सकती हैं। शीर्ष कोर्ट ने 26 फरवरी को केंद्र क चेताया था कि यदि आप स्थायी कमीशन नहीं देंगे तो कोर्ट को आदेश देना होगा।
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