फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court : उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की व्यक्तिगत पेशी के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

Sat, 19 Nov 2022 05:41 AM IST
योगेश साहू राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट को मुख्य सचिव की पेशी का आदेश पारित करने की जरूरत नहीं थी। दरअसल, यूपी सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी ने पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई का आग्रह किया।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में 392 अस्थायी लिपिकों को नियमित करने के वर्षों पुराने मामले में मुख्य सचिव और इंस्पेक्टर जनरल (पंजीकरण) को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है।

विज्ञापन


चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने शुक्रवार को हाईकोर्ट के 10 नवंबर के आदेश के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दाखिल विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर नोटिस जारी करते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। प्रतिवादियों को चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है। 

पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट को मुख्य सचिव की पेशी का आदेश पारित करने की जरूरत नहीं थी। दरअसल, यूपी सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी ने पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई का आग्रह किया। इसके बाद पीठ ने दोपहर 12.45 बजे सुनवाई करने पर सहमति जताई।
विज्ञापन


तीन अधिकारियों की समिति ने की थी जांच
सुनवाई में एएसजी भाटी ने बताया कि वर्ष 2004 में दाखिल एक विशेष अपील पर वर्ष 2017 में हाईकोर्ट ने इस मामले में तीन अधिकारियों की एक समिति बनाकर जांच करने का आदेश दिया था। जांच समिति ने पाया था कि नियमितीकरण की प्रक्रिया में कोई भी अनियमितता नहीं है और इसमें कुछ भी गैरकानूनी नहीं पाया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें