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जिन राज्यों में पॉक्सो के सबसे ज्यादा मामले लंबित, वहां ध्यान देने की जरूरत: सुप्रीम कोर्ट

Sat, 08 Feb 2020 04:05 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उन राज्यों में ज्यादा ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है, जहां बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों को निपटाने की दर बेहद खराब है। चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने शुक्रवार को महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की। इनमें वे मामले भी शामिल रहे, जिसमें शीर्ष अदालत ने स्वत: संज्ञान लिया था। 

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पीठ ने कहा, कल हमने पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों की एक रिपोर्ट पर गौर किया, जिससे पता चला कि 40 हजार मामलों में से केवल 10 हजार का ही निपटारा हो सका है। यानी 30 हजार मामलों में अभी लंबित हैं। पीठ ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल व अन्य वरिष्ठ वकीलों से इस समस्या से निपटने का प्रभावी तरीका सुझाने को कहा।

पीठ ने कहा, हम चाहते हैं कि सिद्धार्थ लूथरा (मामले में एमीकस क्यूरी) उन राज्यों की सूची तैयार करें, जिसमें सबसे ज्यादा पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले लंबित हैं। हम उन राज्यों पर विशेष ध्यान देंगे।

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भगवान अयप्पा के गहनों की सूची बनाएंगे रिटायर्ड जज

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केरल हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश सीएन रामचंद्रन नायर को सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा के गहनों की सूची और उनका मूल्य निर्धारित करने के लिए नियुक्त किया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश पंडलम राज परिवार की याचिका पर दिया है।

कोर्ट ने कहा कि नायर, गहनों के मौजूदा कीमत जानने के लिए सराफ की मदद ले सकते हैं और अपनी रिपोर्ट सीलबंद कवर में जमा करेंगे। जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यन की पीठ ने कहा, हम पवित्र गहनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। पीठ ने केरल सरकार के अधिवक्ता और अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल को कहा कि राज परिवार के बीच विवाद सुलझाने के लिए सरकार रास्ता निकाले। साथ ही अगली तारीख पर गहनों की सुरक्षा संबंधी योजना रखे।
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