मानसिक रोगी कैदियों को जंजीर से बांधने पर केंद्र व मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस
मध्य प्रदेश के रतलाम में स्थित मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में कैदियों को जंजीर में बांधकर रखने को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। जस्टिस एसए नज़ीर और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने स्वास्थ्य मंत्रालय, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, मध्य प्रदेश सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को जवाब मांगते हुए नोटिस जारी किया है। ये याचिका अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल ने दायर की है। इसमें रतलाम जिले में हुसैन टेकरी तीर्थस्थान के पास स्थित मानसिक स्वास्थ्य सुविधा में कैदियों को खोलने के निर्देश देने की मांग की गई है। ब्यूरो
याचिका दायर करना शौक नहीं हो सकता, जुर्माना लगाया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राजनीतिक दलों के लिए चुनाव चिह्न आरक्षित किए जाने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय किशन कौल व एएस आका की पीठ ने कहा कि याचिका दायर करना या मुकदमेबाजी शौक का विषय नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। असल में याचिकाकर्ता ने 2021 में इलाहबाद हाईकोर्ट में याचिका खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। इलाहबाद हाईकोर्ट में भी याचिका दायर कर कहा गया था कि चुनाव आयोग के पास राजनीतिक दलों को चुनाव चिह्न आवंटित करने का अधिकार नहीं है।
सरोगेसी कानून को चुनौती वाली याचिका पर केंद्र से मांगा जवाब
सरोगेसी (विनियमन) एक्ट और उसके सहायक कानून के कुछ प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। याचिका में दावा किया गया है कि ये कानून गोपनीयता और महिलाओं के प्रजनन अधिकारों के खिलाफ हैं। जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की। चेन्नई निवासी अरुण मुथुवेल ने ये याचिका एडवोकेट मोहिनी प्रिया के माध्यम से दायर की है।
ड्रग माफियाओं के नेटवर्क वाले पत्र पर केंद्र से जवाब तलब
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को देश में ड्रग माफियाओं के नेटवर्क के खतरे वाले पत्र पर स्वत: संज्ञान लेते हुए केंद्र से जवाब तलब किया। सीजेआई यू यू ललित, जस्टिस एस रविंद्र भट और जस्टिस जे बी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि तत्कालीन सीजेआई एन वी रमण के समक्ष 17 नवंबर, 2021 को रखे गए कार्यालय नोट को माननीय सीजेआई के निर्देशों के तहत स्वत: रिट याचिका में परिवर्तित कर दिया गया। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि स्थिति की गंभीरता और अदालत के समक्ष रखी गई सामग्री को ध्यान में रखते हुए शोएब आलम को न्याय मित्र नियुक्त करते हैं।
गिरफ्तार मंत्रियों की बर्खास्तगी पर विचार से सुप्रीम कोर्ट का इन्कार
सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तार मंत्रियों की बर्खास्तगी की मांग वाली याचिका पर विचार से इन्कार कर दिया। वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने याचिका से दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन व महाराष्ट्र के नवाब मलिक को अस्थायी रूप से बर्खास्त करने का निर्देश देने की मांग की थी। सीजेआई यूयू ललित, जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा, यह विधायिका के विचार का मामला है और अदालत अधिकारों के पृथक्करण के सिद्धांत को देखते हुए ऐसा निर्देश जारी नहीं कर सकती।