रेरा नियमों में बदलावों पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सभी राज्य सरकारों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डवलपमेंट) कानून (रेरा) और इससे संबंधित नियमों और अन्य कानूनों में भटकाव और बदलाव के बारे में तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करें। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और एएस बोप्पना की पीठ ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा कि अपना जवाब केंद्रीय आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय को सौंपें ताकि वह वकील देवाशीष भारुका से विचार कर जानकारी को व्यापक चार्ट के रूप में पेश करे।
देश में मॉडल बिल्डर बायर एग्रीमेंट लागू करने की मांग को लेकर दायर कई याचिकाओं को 16 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए पीठ ने कहा कि अगली सुनवाई पर वह न्याय मित्र व केंद्र की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी के सुझावों के आधार पर निर्देश जारी करेगी।
16 साल बाद डेवलपर को बकाया लेकर सेल डीड देने को कहना उचित नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, एक डेवलपर को 16 साल बाद 6.49 लाख रुपये की शेष राशि लेकर संपत्ति की सेल डीड देने के लिए कहना उचित नहीं होगा। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला ने इस टिप्पणी के साथ ही राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के आदेश को संशोधित कर दिया। आयोग ने डेवलपर को नागपुर में स्थित घर का कब्जा शिकायतकर्ता को सौंपने के बाद सेल डीड देने का निर्देश दिया था।