सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि हम हज 2022 के लिए कोई आदेश जारी नहीं कर सकते। इस पर अगले साल विचार किया जा सकता है। पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि आपकी बाद तार्किक हो सकती है लेकिन अब इस स्तर पर इसमें कुछ नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ऑस इंडिया टूर्स कॉरपोरेशन की ओर से दाखिल एक याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। इस याचिका में हज 2022 के लिए केंद्र सरकार को प्राइवेट टूर ऑपरेटर को शामिल करने पर विचार करने और हज ग्रुप ऑर्गेनाइजर्स की सूची में नाम शामिल करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।
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न्यायाधीश अब्दुल नजीर और पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा कि ऐसी ही एक याचिका पूर्व में अदालत की ओर से खारिज हो चुकी है और इस स्तर पर कोई राहत नहीं दी जा सकती है। न्यायाधीश नजीर ने कहा कि हज कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है। हमारा पिछला आदेश पढ़िए। आपको कम से कम एक महीने पहले आना चाहिए था।
याचिकाकर्ता की दलीलों को खारिज करते हुए पीठ ने कहा कि हम हज 2022 के लिए कोई आदेश जारी नहीं कर सकते। इस पर अगले साल विचार किया जा सकता है। अब इस स्तर पर इसमें कुछ नहीं किया जा सकता। पीठ ने सुझाव दिया कि याचिकाकर्ता उचित अधिकारियों तक पहुंचने के लिए याचिका को वापस ले सकता है।
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दो साल से नहीं हो रहा था हज यात्रा का आयोजन
जानकारी के अनुसार हज यात्रा के लिए उड़ानों की शुरुआत 31 मई से सऊदी अरब के लिए होगी। कोरोना वायरस वैश्विक महामारी की वजह से पिछले दो साल से हज यात्रा का आयोजन नहीं किया जा रहा था। इस बार सऊदी अरब प्रशासन ने इसके लिए अनुमति दे दी है। हज यात्रियों की संख्या के मामले में भारत का कोटा 79,237 है।