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SC: मेडिकल कॉलेज में प्रवेश से वंचित OBC छात्र सामान्य श्रेणी में दाखिले के योग्य; गुजरात HC के फैसले पर रोक

Sat, 06 Apr 2024 07:17 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उत्तर प्रदेश के मूल निवासी राठौड़ अब गुजरात के निवासी हैं। राठौड़ ने 20 अगस्त 2018 को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए एक जाति प्रमाण पत्र जमा किया था। हालांकि, जांच के बाद प्रवेश समिति ने जाति प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया था।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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 एक अंतरिम राहत में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें जाति प्रमाण पत्र पर विवाद के बाद एक पानीपुरी विक्रेता के बेटे का मेडिकल कॉलेज में प्रवेश रद्द कर दिया गया था। इस रोक के साथ छात्र को एमबीबीएस पाठ्यक्रम में फिर से दाखिला मिलने की उम्मीद जग गई है।

न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने कहा कि छात्र सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार के रूप में भी गुजरात के कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने के भी योग्य है। नतीजन, पीठ ने छात्र के प्रवेश को रद्द करने के आदेश पर रोक लगाते हुए कॉलेज, गुजरात राज्य, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और महाराजा सयाजी राव विश्वविद्यालय को नोटिस जारी किया।

यह था मामला

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उत्तर प्रदेश के मूल निवासी राठौड़ अब गुजरात के निवासी हैं। राठौड़ ने 20 अगस्त 2018 को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए एक जाति प्रमाण पत्र जमा किया था। हालांकि, जांच के बाद प्रवेश समिति ने जाति प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया था। प्रवेश समिति ने कहा था कि यह गलत है, क्योंकि वह गुजरात में एसईबीसी समुदाय की तेली जाति से नहीं थे, बल्कि वह उत्तर प्रदेश में एक ओबीसी श्रेणी तेली जाति से आते हैं। जाति प्रमाण पत्र रद्द होने के साथ ही सितंबर 2023 में एमएसयू से संबद्ध वडोदरा के सरकारी मेडिकल कॉलेज ने उनके प्रवेश पर रोक लगा दी थी।

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