सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सीजेआई एनवी रमण की तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष कहा, हाईकोर्ट का आदेश आठ दिसंबर को लागू होगा। याचिका पर तत्काल सुनवाई की दरकार है। या तो हम सफल होंगे या विफल होंगे।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से भीमा कोरेगांव मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा वकील व कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज को दी गई डिफॉल्ट जमानत के खिलाफ उसकी याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की।
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सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सीजेआई एनवी रमण की तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष कहा, हाईकोर्ट का आदेश आठ दिसंबर को लागू होगा। याचिका पर तत्काल सुनवाई की दरकार है। या तो हम सफल होंगे या विफल होंगे। पीठ ने कहा, वह इस पर विचार करेंगे। एनआईए ने बॉम्बे हाईकोर्ट के एक दिसंबर के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
हाईकोर्ट ने भारद्वाज को 2018 के भीमा कोरेगांव-एल्गर परिषद मामले में डिफॉल्ट जमानत दी थी। भारद्वाज को 27 अक्तूबर, 2018 को पुणे पुलिस ने हिरासत में लिया था। भारद्वाज ने इस आधार पर जमानत मांगी थी कि जिस जज ने चार्जशीट दाखिल करने के लिए 90 दिन की अवधि बढ़ाई थी, उसे केंद्र सरकार द्वारा नामित नहीं किया गया था। आरोप पत्र 21 फरवरी 2019 को दाखिल हुआ था।