कांग्रेस विधायक राजेगौड़ा की उनके खिलाफ अस्पष्ट आरोप के दावे वाली याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक कांग्रेस के विधायक टीडी राजेगौड़ा की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें भाजपा नेता ने उनके खिलाफ ‘अस्पष्ट आरोप’ लगाए थे। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि राजेगौड़ा की याचिका पर विचार करने का कोई कारण नहीं है क्योंकि चुनाव याचिका में साक्ष्य पेश किए जाने के बाद वह कर्नाटक हाईकोर्ट में अपनी शिकायतें उठा सकते हैं। राजेगौड़ा के वकील श्याम दीवान ने कहा कि भाजपा के डीएन जीवराजा ने हाईकोर्ट में दायर चुनाव याचिका में बिना किसी सबूत के काले धन के इस्तेमाल जैसे कुछ अस्पष्ट आरोप लगाए हैं। पीठ ने कहा, शुरू में हम भी अस्पष्ट आरोपों को लेकर चिंतित थे लेकिन कानून में कार्यवाही के दौरान साक्ष्य पेश किए जाने का प्रावधान है। जीवराजा ने 2023 के चुनावों के दौरान चिकमंगलूर जिले की शृंगेरी विधानसभा सीट पर राजेगौड़ा के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया। पीठ ने दीवान से कहा कि 27 सितंबर, 2024 को दिए गए उसके पहले के आदेश में राजेगौड़ा की चिंता का ख्याल रखा गया था और अगर अदालत अब उनकी याचिका पर विचार करती है और निर्देश पारित करती है तो यह अपने ही आदेश का खंडन होगा।