भारत के नियमित कप्तान रोहित शर्मा को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेले जा रहे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पांचवें और अंतिम मुकाबले से बाहर किए जाने पर पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने अपनी राय रखी है। गावस्कर का मानना है कि रोहित अपना आखिरी टेस्ट खेल चुके हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि भारत का विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में पहुंचना मुश्किल है।
भारत ने किए दो बदलाव
भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांचवें टेस्ट मैच में प्लेइंग-11 में दो बदलाव किए हैं। रोहित शर्मा की जगह शुभमन गिल को शामिल किया था, जबकि चोटिल तेज गेंदबाज आकाश दीप की जगह प्रसिद्ध कृष्णा को प्लेइंग-11 में जगह दी गई है। यह पहले से ही तय माना जा रहा था कि रोहित इस मैच का हिस्सा नहीं होंगे। रोहित की जगह तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह टीम की कमान संभाल रहे हैं।
गावस्कर का कहना है कि भारत को लंबे समय तक अब टेस्ट नहीं खेलना है इसलिए टीम अब रोहित से आगे बढ़ चुकी है। चयनसमिति किसी ऐसे खिलाड़ी को चुनेगी जो 2027 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के अगले चक्र तक सक्रिय रह सके। गावस्कर ने एक स्पोर्ट्स चैनल से कहा, मुझे ऐसा लगता है कि भारत डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाएगा। मेरे अनुसार, रोहित मेलबर्न में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेल चुके हैं। डब्ल्यूटीसी का अगला चक्र इंग्लैंड सीरीज से शुरू होगा, इसलिए वे किसी ऐसे खिलाड़ी की तलाश करेंगे जो 2027 तक सक्रिय रहे। शायद हमने मेलबर्न में रोहित को आखिरी बार टेस्ट खेलते हुए देख लिया है।
गावस्कर बोले, रोहित के बाहर रखने में अगरकर की भूमिका
गावस्कर ने कहा कि सीरीज के अंतिम टेस्ट मैच के लिए रोहित शर्मा को आराम देने के पीछे मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की निश्चित रूप से भूमिका थी। भारत पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में फिलहाल 1-2 से पीछे चल रहा है और उसे अगर डब्ल्यूटीसी फाइनल की दौड़ में बने रहना है तो हर हाल में सिडनी टेस्ट में जीत दर्ज करनी होगी।
गावस्कर ने कहा, अगरकर भी चयन समिति का हिस्सा हैं। भारतीय क्रिकेट में जो भी होता है चयन समिति ही तय करती है कि टीम कैसी होगी। जब आप विदेश दौरे पर जाते हैं तो कप्तान, कोच और मुख्य चयनकर्ता चीजें देखते हैं। अगरकर सिडनी में मौजूद हैं इसलिए रोहित को बाहर रखने के फैसले में उनकी सहमति भी होगी। हो सकता है कि टीम के कुछ सीनियर खिलाड़ियों से भी राय ली गई होगी।