सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि जब तक उच्च न्यायालय की नई इमारत तैयार होती है, तब तक उच्च न्यायालय की कुछ सुविधाओं को हाईकोर्ट परिसर में मौजूद पीडब्लूडी बिल्डिंग में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तमिलनाडु के प्रसिद्ध यूट्यूबर शंकर को 'तत्काल' रिहा करने का आदेश दिया है। जिन्हें तमिलनाडु गुंडा अधिनियम के तहत रिहा किए जाने के तुरंत बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय तमिलनाडु सरकार द्वारा सलाहकार बोर्ड की अनुशंसा का हवाला देते हुए विवादास्पद गुंडा अधिनियम के तहत उनकी नजरबंदी रद्द करने के बाद आया है।
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कोर्ट ने हिरासत के खिलाफ उनकी याचिका का निपटारा करते हुए आदेश दिया कि, हिरासत में लिए गए शंकर उर्फ सावुक्कू शंकर को तत्काल रिहा किया जाए। अगर किसी अन्य मामले में उनकी आवश्यकता ना हो। इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने 30 अगस्त को तमिलनाडु सरकार से पूछा था कि मशहूर यूट्यूबर सावु्कू शंकर को कई आपराधिक मामलों में रिहाई के तुरंत बाद क्यों गिरफ्तार किया गया? शीर्ष अदालत ने यह भी कहा था कि अगर मामले अलग-अलग और स्वतंत्र हैं, प्राथमिकियों को मिलाया नहीं जा सकता।
यूट्यूबर शंकर (48) को 30 अप्रैल को यूट्यूब चैनल "रेडपिक्स 24x7" पर एक साक्षात्कार में महिला पुलिसकर्मियों और मद्रास उच्च न्यायालय के कुछ न्यायाधीशों के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। जिसके बाद कोयंबटूर पुलिस ने 4 मई को उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गई थीं। इन मामलों के अलावा, यूट्यूबर पर थेनी पुलिस द्वारा कथित तौर पर 'गांजा' रखने का मामला भी दर्ज किया गया है। शंकर को शीर्ष अदालत और मद्रास उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में रिहा किया गया था। लेकिन उन्हें 12 अगस्त को राज्य पुलिस ने फिर से हिरासत में ले लिया था।
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बॉम्बे हाईकोर्ट की एनेक्सी बिल्डिंग के पुनर्विकास का मामला, सरकार को मुख्य न्यायाधीश से मिलने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सचिव को कहा है कि वे बॉम्बे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के साथ बैठक करके उच्च न्यायालय की एनेक्सी बिल्डिंग के पुनर्विकास पर फैसला करें। बॉम्बे उच्च न्यायालय की ऐतिहासिक इमारत के बराबर में ही एनेक्सी बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें कुछ कोर्ट रूम और अन्य सुविधाएं स्थानांतरित की जाएंगी।
भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने 23 सितंबर को ही इस एनेक्सी बिल्डिंग की आधारशिला रखी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि जब तक उच्च न्यायालय की नई इमारत तैयार होती है, तब तक उच्च न्यायालय की कुछ सुविधाओं को हाईकोर्ट परिसर में मौजूद पीडब्लूडी बिल्डिंग में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। सर्वोच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार को ये भी कहा है कि वह उच्च न्यायालय के मध्यस्थ केंद्र और आर्बिटेशन केंद्रों के लिए एयर इंडिया बिल्डिंग में कुछ जगह मुहैया कराए।