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Supreme Court: विधायकों की अयोग्यता से जुड़ी गोवा कांग्रेस प्रमुख की याचिका खारिज, हाईकोर्ट का फैसला बरकरार

Thu, 04 Jan 2024 04:01 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गोवा कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडनकर की विधायकों की अयोग्यता मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित कर दिया हैं। 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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गोवा कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडनकर की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को स्थगित कर दी हैं। जिसमें राज्य विधानसभा अध्यक्ष के आदेश को बरकरार रखा गया था। इसके तहत भाजपा में शामिल हुए 10 विधायकों को अयोग्य ठहराने की उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने मामले को यह कहते हुए टाल दिया कि इसे गैर विविध दिनों मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को सुना जाना चाहिए।
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बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने 24 फरवरी, 2022 को स्पीकर के आदेश को चुनौती देने वाली कांग्रेस नेता चोडनकर और एमजीपी के विधायक द्वारा दायर दो याचिकाओं को खारिज कर दिया था। जहां कांग्रेस के 10 विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे, वहीं एमजीपी के दो विधायकों ने भाजपा पार्टी के प्रति निष्ठा बदल ली थी। स्पीकर की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज ने कहा कि यह मुद्दा अब केवल अकादमिक चर्चा तक सीमित रह गया है, क्योंकि जिन विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की गई थी, वे 2017 में चुने गए थे। गोवा में पिछला विधानसभा चुनाव 2022 में हुआ था।

शीर्ष अदालत में दायर अपनी याचिका में गिरीश चोडनकर ने कहा है कि उच्च न्यायालय ने गलत आधार पर स्पीकर राजेश पाटनकर के आदेश को बरकरार रखने में गंभीर गलती की है क्योंकि 10 विधायक विधायक दल के दो-तिहाई सदस्य थे और उन्होंने दूसरे के साथ विलय करने का फैसला किया था।
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SNJPC के कार्यान्वयन के लिए सभी HC में पैनल गठित करने की सिफारिश

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि उसने सभी हाई कोर्ट में दो न्यायाधीशों का एक पैनल गठित करने की सिफारिश की हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न्यायिक अधिकारियों के लिए वेतन, पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों पर दूसरे राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग आदेश के अनुसार आदेश दिए जाएं। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि सेवारत और पूर्व न्यायिक अधिकारियों को भी उनकी मेडिकल जांच के लिए कैशलेस सुविधाएं मिलेंगी। सीजेआई ने कहा, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा नामित वरिष्ठतम उच्च न्यायालय न्यायाधीश समिति के अध्यक्ष होंगे, समिति का कार्य एसएनजेपीसी के उचित कार्यान्वयन को देखना होगा।

एसएनजेपीसी की सिफारिशों में जिला न्यायपालिका की सेवा शर्तों के विषयों को निर्धारित करने के लिए एक स्थायी तंत्र स्थापित करने के मुद्दे से निपटने के अलावा वेतन संरचना, पेंशन और पारिवारिक पेंशन और भत्ते शामिल हैं।
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पश्चिम बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान एक राजनीतिक नेता की हत्या के आरोपी 13 लोगों को गिरफ्तारी से सुरक्षा देने की सुप्रीम कोर्ट ने पुष्टि की हैं। न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी और न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा कि आरोपियों ने जांच के दौरान सहयोग किया था और अब मुकदमें की कार्यवाही में उपस्थित हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 25 नवंबर 2022 को आदेश दिया था कि यदि आरोपी जांच में सहयोग करते हैं तो उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा।

गौरतलब हैं कि पश्चिम बंगाल के स्थानीय नेता हरन अधिकारी को राजनीतिक दुश्मनी के कारण बेरहमी से पीटा गया था, जिसके कारण उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने 17 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिन्होंने जिला अदालत से अग्रिम जमानत ले ली थी, बाद में मामला सीबीआई को सौंप दिया गया।
 
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