फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SC: न्यूजक्लिक के संस्थापक पुरकायस्थ और HR हेड चक्रवर्ती सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, UAPA के तहत गिरफ्तारी को चुनौती

Mon, 16 Oct 2023 09:51 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने पुरकायस्थ और चक्रवर्ती की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की मामले में जल्दी सुनवाई करने की मांग पर गौर किया और उन्हें मामले में दस्तावेज कोर्ट को सौंपने के लिए कहा। 
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूएपीए के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और इसके एचआर हेड अमित चक्रवर्ती ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। गौरतलब है कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने दोनों को ही दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा द्वारा दर्ज यूएपीए मामले में उनकी गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इसके बाद ही दोनों सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। 
विज्ञापन


चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने पुरकायस्थ और चक्रवर्ती की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की मामले में जल्दी सुनवाई करने की मांग पर गौर किया और उन्हें मामले में दस्तावेज कोर्ट को सौंपने के लिए कहा। 

सिब्बल ने जजों से कहा कि न्यूजक्लिक मामले में दो पत्रकारों को पुलिस कस्टडी में रखा गया है, इनमें से एक की उम्र 75 वर्ष है। इसपर चीफ जस्टिस ने कहा कि वे मामले को लिस्ट करने पर जल्द फैसला लेंगे। 
विज्ञापन


क्या है न्यूज क्लिक से जुड़ा मामला
जानकारी के लिए बता दें कि न्यूज क्लिक एक डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है। जिसके ऊपर विदेशी फंडिंग का मामला दर्ज हुआ है। भारतीय जनता पार्टी ने चीन का साथ देकर भारत में माहौल खराब करने का आरोप लगाया था। स्पेशल सेल से पहले ईडी भी छापेमारी की कार्रवाई कर चुकी है। ईडी ने जानकारी दी थी कि न्यूज क्लिक को विदेशों से लगभग 38 करोड़ रुपये की फंडिंग हुई थी। जिसके बाद भाजपा ने आरोप लगाया था कि साल 2005 से 2014 के बीच कांग्रेस को भी चीन से बहुत सारा पैसा मिला। इतना ही नहीं द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में भी बताया गया था कि न्यूज क्लिक को विदेशी फंडिंग से 38 करोड़ मिले थे। यह पैसा कुछ जर्नलिस्ट में शेयर हुआ था।

इन धाराओं में हुआ था मामला दर्ज
इस मीडिया पोर्टल के खिलाफ कार्रवाई होईकोर्ट ने 7 जुलाई 2021 को एक आदेश पारित कर कहा था कि प्रबीर पुरकायस्थ को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। हालांकि, यह भी कहा कि जांच अधिकारी द्वारा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें जांच में सहयोग करना होगा। जस्टिस सौरभ बेनराजी की बेंच ने मामले में पुरकायस्थ से जवाब मांगा था। ईओडब्ल्यू की एफआईआर के मुताबिक, आईपीसी की धारा 406, 420 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
 

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम को चुनौती देने वाली याचिका

supreme court - फोटो : ANI
सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों को वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम दिए जाने को चुनौती देने वाली एक याचिका सोमवार को खारिज कर दी। जज जस्टिस संजय किशन कौल की अगुवाई वाली पीठ ने अधिवक्ता मैथ्यूज जे नेदुम्पाडा तथा सात अन्य की ओर से दाखिल एक याचिका पर अपना फैसला सुनाया।

याचिकाकर्ताओं ने अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 16 और 23 (5) को चुनौती देते हुए दावा किया है कि ये ‘‘वकीलों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और अन्य अधिवक्ताओं के दो वर्ग बनाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप वास्तविक व्यवहार में अकल्पनीय असमानताएं पैदा हुई हैं, जिस पर संसद ने निश्चित रूप से विचार नहीं किया या अनुमान नहीं लगाया।’’

अधिवक्ता अधिनियम की धारा 16 वरिष्ठ और अन्य अधिवक्ताओं से संबंधित है, धारा 23 (5) वरिष्ठ अधिवक्ताओं को अन्य वकीलों की तुलना में अधिकार से संबंधित हैं। याचिका में दावा किया गया है कि वकीलों को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित करना, ‘‘विशेष अधिकारों, विशेष दर्जा वाले अधिवक्ताओं का एक विशेष वर्ग बनाना, जो सामान्य अधिवक्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं हैं, असंवैधानिक है। यह अनुच्छेद 14 के तहत समानता के आदेश का उल्लंघन है।’’
 

राघव चड्ढा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा सचिवालय को भेजा नोटिस

Raghav Chaddha - फोटो : Social Media
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा सचिवालय को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में कोर्ट ने आप सांसद राघव चड्ढा द्वारा राज्यसभा से अपने निलंबन को चुनौती देने वाली याचिका पर सचिवालय से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट अब 30 अक्तूबर को इस मामले पर सुनवाई करेगा। कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमानी से भी इस मामले में जवाब मांगा है। 

मणिपुर उच्च न्यायालय में चीफ जस्टिस की नियुक्ति

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर सोमवार को न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जब उनके नाम की सिफारिश की इसके तीन महीने से अधिक समय बाद जस्टिस सिद्धार्थ को नियुक्त किया गया। विगत 9 अक्टूबर को, सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने कहा था कि मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति पर आखिरकार केंद्र का ध्यान गया है। "शीघ्र ही" अधिसूचना जारी होगी। सीमावर्ती राज्य में जातीय उथल-पुथल के बीच, विगत 5 जुलाई को दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल को मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की गई थी।

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट में सुविधाओं पर रिपोर्ट जारी, CJI चंद्रचूड़ ने क्या कहा?

मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने सोमवार को कहा कि "सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन एक्सेसिबिलिटी" की एक रिपोर्ट जारी की गई है। इस समिति का गठन शीर्ष अदालत परिसर में भौतिक और व्यावहारिक पहुंच का ऑडिट करने के लिए किया गया था। इसका मकसद महिलाओं, विशेषकर गर्भावस्था के दौरान, और वरिष्ठ नागरिकों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के तरीकों को समझना था। रिपोर्ट जारी करते हुए सीजेआई ने कहा कि समिति का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट को सभी के लिए सुलभ बनाना है। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, "यह सर्वोच्च न्यायालय के इतिहास में एक ऐतिहासिक अवसर है।" उन्होंने कहा, "समिति ने महिलाओं, विशेषकर गर्भावस्था के दौरान और वरिष्ठ नागरिकों के सामने आने वाली चुनौतियों को समझने और संबोधित करने पर भी ध्यान केंद्रित किया है। अधिवक्ताओं की बड़ी संख्या वरिष्ठ नागरिकों की है।"

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें