50 दिनों की बजाय हफ्ते भर के सांकेतिक ग्रीष्मावकाश के बाद सुप्रीम कोर्ट सोमवार से खुल तो गया। लेकिन यह भी साफ हो गया कि सितंबर तक तो कोर्ट में रूम में पहले की तरह सामान्य सुनवाई नहीं हो सकेगी। मतलब अगले तीन महीने तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यानी वर्चुअल सुनवाई ही होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई लॉकडाउन से दो दिन पहले 23 मार्च से शुरू है।
सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना महामारी के मद्देनजर मामलों की ई फाइलिंग, मामले का उल्लेख करने व सूचीबद्ध करने और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई को लेकर नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की। कोर्ट की ओर से अधिसूचना जारी कर कहा गया कि ताजा मामले जो पूल में पड़े हैं, जिन्हें पहले सूचीबद्ध नहीं किया जा सका है, उन्हें छह से 10 जुलाई तक सूचीबद्ध किया जा सकता है। विविध (मिसलेनियस) मामलों को सोमवार और शुक्रवार को सूचीबद्ध किया जा सकता है। यह मामलों की उपलब्धता और सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों के अधीन होगा।