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Supreme Court: पीएम मोदी के खिलाफ टिप्पणी का मामला, सोमवार को शशि थरूर की याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

Sat, 12 Oct 2024 01:28 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली पुलिस और मामले में शिकायतकर्ता भाजपा नेता राजीव बब्बर को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। सुप्रीम कोर्ट में 14 अक्तूबर को सूचीबद्ध मामलों में शशि थरूर की याचिका भी शामिल है। 
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शशि थरूर की याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। शशि थरूर ने याचिका में दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर की गई उनकी कथित टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ मानहानि की कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया गया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता को थोड़ी राहत देते हुए 10 सितंबर को थरूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दायर मानहानि मामले में ट्रायल कोर्ट के समक्ष कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
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शशि थरूर के वकील ने दिए ये तर्क
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली पुलिस और मामले में शिकायतकर्ता भाजपा नेता राजीव बब्बर को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। सुप्रीम कोर्ट में 14 अक्तूबर को सूचीबद्ध मामलों में शशि थरूर की याचिका भी शामिल है। इस याचिका पर जस्टिस ऋषिकेश राय और जस्टिस एसवीएन भट्टी सुनवाई करेंगे। कांग्रेस सांसद ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ मानहानि की कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया गया था। 10 सितंबर को सुनवाई के दौरान, थरूर के वकील ने शीर्ष अदालत से कहा कि शिकायतकर्ता को मामले में पीड़ित पक्ष नहीं कहा जा सकता है और राजनीतिक दल के सदस्यों को भी पीड़ित पक्ष नहीं कहा जा सकता है। उनके वकील ने तर्क दिया कि थरूर की टिप्पणी मानहानि कानून के प्रतिरक्षा खंड के तहत संरक्षित थी, जो यह निर्धारित करती है कि सद्भावना से दिया गया कोई भी बयान आपराधिक नहीं है।

हाईकोर्ट ने माना था मानहानि
थरूर के खिलाफ कार्यवाही को रद्द करने से इनकार करते हुए, हाईकोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया प्रधानमंत्री के खिलाफ 'शिवलिंग पर बिच्छू' जैसे आरोप 'घृणित और निंदनीय' हैं। कहा गया कि प्रथम दृष्टया, टिप्पणी ने प्रधानमंत्री, भाजपा के साथ-साथ उसके पदाधिकारियों और सदस्यों को बदनाम किया है।
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