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अवमानना केस में राहुल गांधी को दाखिल करना होगा नया हलफनामा, सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई तक का दिया समय

Tue, 30 Apr 2019 10:00 PM IST
अमर शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राहुल गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को राफेल मामले पर उनकी अपमानजनक "चौकीदार चोर है" टिप्पणियों को गलत तरीके से शीर्ष अदालत के हवाले से बताने के अवमानना के एक मामले में नया हलफनामा दाखिल करने के लिए 6 मई तक का मौका दिया है। उच्चतम अदालत ने 10 अप्रैल को राफेल मामले पर आदेश दिया था।  मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश दिया है। 
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मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ के सामने राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनुसिंघवी ने कहा कि उनके मुवक्किल हलफनामे में "माफी" मांगेंगे।

राहुल गांधी ने अपने वकील के माध्यम से स्वीकार किया कि इस टिप्पणी को शीर्ष अदालत के नाम से बताकर उन्होंने गलती की।  प्रधान न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि हलफनामे में एक जगह कांग्रेस नेता ने अपनी गलती स्वीकार की है लेकिन एक अन्य जगह कोई भी अपमानजनक टिप्पणी करने से इंकार किया है।
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पीठ ने कहा, "हमें यह समझने में बहुत अधिक दिक्कत हो रही है कि हलफनामे में आप कहना क्या चाहते हैं।"  न्यायालय ने गांधी के वकील सिंघवी से कहा कि हलफनामे में बताए गए राजनीतिक रूख से उसका कोई लेना देना नहीं है।

राहुल गांधी ने कहा कि हलफनामे में इस्तेमाल खेद शब्द उन टिप्पणियों के लिए क्षमायाचना जैसा है जो गलत तरीके से शीर्ष अदालत के नाम से बताई गई थीं जबकि उसने ऐसा कभी कहा ही नहीं था।

भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने इन टिप्पणियों के लिए ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए याचिका दायर की है। लेखी ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर तरह की अवमानना है।
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अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक अवमानना की याचिका की सुनवाई छह मई के लिए सूचीबद्ध कर दी।
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