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सुप्रीम कोर्ट ने लालू को थमाया नोटिस, पूछा- क्यों न आपकी जमानत रद्द कर दें

Sat, 15 Feb 2020 02:18 AM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा है कि झारखंड हाइकोर्ट ने लालू प्रसाद को दोषी ठहराने और उन्हें सजा देने के निचली अदालत के फैसले को निलंबित रखने और उनको जमानत पर रिहा करने का आदेश देकर त्रुटि की है।
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लालू यादव
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विस्तार
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बहुचर्चित चारा घोटाला से जुडे़ एक मामले में झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिलने के मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस थमाया है। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने लालू प्रसाद से पूछा कि क्यों न आपकी जमानत रद्द कर दी जाए।

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लालू को 4 हफ्ते में जवाब देना है। देवघर कोषागार से 89.27 लाख रुपये की रकम धोखे से निकाले जाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने 12 जुलाई 2019 को लालू को जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हुए कहा था कि वह अपनी साढ़े तीन साल की सजा की आधी अवधि जेल में बिता चुके हैं।

इस फैसले के खिलाफ सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी। सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा है कि झारखंड हाइकोर्ट ने लालू प्रसाद को दोषी ठहराने और उन्हें सजा देने के निचली अदालत के फैसले को निलंबित रखने और उनको जमानत पर रिहा करने का आदेश देकर त्रुटि की है।
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यह है मामला
दरअसल, यह मामला देवघर कोषागार से 90 लाख रुपए की अवैध निकासी का है। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की कोर्ट ने 50-50 हजार रुपये के दो निजी मुचलके पर लालू को जमानत दी थी। सीबीआई कोर्ट ने इस मामले में लालू प्रसाद को साढ़े 3 साल की सजा सुनाई थी और 10 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया था।

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