केरल चर्च सेक्स स्कैंडल में फंसे दो पादरियों को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इनकार करते हुए उन्हें 13 अगस्त तक समर्पण करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने आरोपी इन दो पादरियों को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम रोक को हटा दिया।
न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने सोमवार को कहा कि समर्पण केबाद आरोपी दोनों पादरी जमानत की याचिका दायर कर सकते हैं।
पिछली सुनवाई में पीठ ने इस मामले की जांच को लेकर केरल पुलिस ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। पीड़िताओं की ओर से पेश वकील ने कहा कि आरोपी पादरियों ने इंटरनेट पर कुछ वीडियो डालकर ब्लैकमेल कर रहे थे।