सुप्रीम कोर्ट ने उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट आम नागरिकों से जुड़े मामलों की सुनवाई नहीं कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम राष्ट्र की आवाज सुन रहे हैं और अनुच्छेद 370 पर हुई सुनवाई इसका सबूत है।
क्या है मामला
दरअसल वकील मैथ्यूज नेदुम्पारा ने आरोप लगाया है कि सर्वोच्च अदालत सिर्फ संविधान पीठ के मामलों पर सुनवाई कर रही है, जिनमें आम जनता का कोई हित नहीं होता और सामान्य नागरिकों के मामलों पर सुनवाई नहीं कर रही है। मैथ्यूज नेदुम्पारा ने सुप्रीम कोर्ट को भेजे एक ईमेल में यह आरोप लगाए हैं। दरअसल नेदुम्पारा एक एमएसएमई फर्म का मामला लेकर कोर्ट में पेश हुए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि पहले हाईकोर्ट में जाइए। इसके बाद नेदुम्पारा ने ईमेल भेजकर उक्त आरोप लगाए।
सीजेआई ने दिया जवाब
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने नेदुम्पारा के ईमेल के जवाब में कहा कि संविधान पीठ के मामले भी आम जनता से जुड़े होते हैं। सीजेआई ने कहा कि 'मैं आपको बताना चाहता हूं कि शायद आप संविधान पीठ के मामलों के बारे में नहीं जानते हैं और शायद आपको इनकी समझ भी नहीं है। संविधान पीठ के मामलों में संविधान की व्याख्या की जाती है, जो देश में लीगल फ्रेमवर्क का आधार बनते हैं।'
अनुच्छेद 370 पर सुनवाई का दिया उदाहरण
सीजेआई ने कहा कि अनुच्छेद 370 का मामला भी आम जनता से जुड़ा मामला था। हमने कई नागरिक संगठनों और लोगों की बात सुनी तो हम देश की आवाज सुन रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 370 को हटाने के सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई की और पांच सितंबर को सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सीजेआई ने ये भी कहा कि बीती 13 सितंबर को हमने संविधान पीठ के ऐसे मामले पर सुनवाई की, जिससे देश में असंख्य ड्राइवरों की आजीविका पर असर पड़ेगा।