दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) के शिक्षकों को सशर्त प्रशिक्षण के लिए फिनलैंड भेजने की मंजूरी के खिलाफ दिल्ली सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एलजी कार्यालय को नोटिस जारी किया है। सीजेआई की पीठ ने एलजी कार्यालय को दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। दिल्ली सरकार के वकील शादान फरासत ने पीठ से कहा कि यह स्पष्ट है कि एलजी इस संबंध में स्वतंत्र निर्णय नहीं ले सकते हैं। इस पर सीजेआई ने कहा, लेकिन उन्होंने प्रशिक्षण को मंजूरी दे दी है।
जवाब में फरासत ने कहा, यह कहना कि भविष्य में फिनलैंड की ऐसी कोई ट्रेनिंग नहीं होगी, वह (एलजी) ऐसा नहीं कर सकते। जिसके बाद पीठ ने मामले में नोटिस जारी किया। दिल्ली सरकार का कहना है कि एलजी यह तय कर रहे हैं कि किस शिक्षक को भेजना है, कैसे भेजना है और कब भेजना है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मार्च में सरकारी स्कूलों के प्राथमिक शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए फिनलैंड भेजने के सरकार के प्रस्ताव को सिद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। अपनी मंजूरी में सक्सेना ने कहा था कि दिल्ली सरकार ने पूर्व में आयोजित विदेशी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के प्रभाव का आकलन को रिकॉर्ड पर लाने से इन्कार कर दिया था।
उपराज्यपाल ने फिनलैंड में प्राथमिक प्रभारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। सभी के लिए समान लाभ के दृष्टिकोण को लेते हुए एलजी ने प्राथमिक प्रभारियों की संख्या में वृद्धि की है, जिन्हें फिनलैंड जाना था। प्रशिक्षण के लिए शिक्षा विभाग के सभी 29 प्रशासनिक क्षेत्रों से प्राथमिक प्रभारियों का समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए उनकी संख्या 52 से बढ़ाकर 87 कर दी।
मेट्रो के चौथे चरण का काम रोकने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के काम पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस वक्त किसी भी तरह के दखल से लागत में भारी बढ़ोतरी होगी। इस चरण में छह गलियारे होंगे जिनमें एरोसिटी से तुगलकाबाद, इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ, लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक, मुकुंदपुर से मौजपुर, जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम और रिठाला से बवाना एवं नरेला शामिल हैं। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने कहा कि चौथे चरण में उखाड़े गए पेड़ों को लगाने का प्रावधान है। पीठ ने कहा कि इस संबंध में कोई शक नहीं है कि पर्यावरण के लिए चिंता एक अहम पहलू है। हालांकि मेट्रो रेलवे जैसे विकासात्मक कार्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है क्योंकि इससे करोड़ों लोगों की जरूरतें पूरी होंगी और कार्बन उत्सर्जन में कटौती आएगी। साथ ही सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी।
बृंदा करात की याचिका पर पुलिस को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने माकपा नेता बृंदा करात की एक याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका में सीएए विरोधी प्रदर्शन को लेकर कथित तौर पर नफरती भाषण देने को लेकर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और भाजपा नेता प्रवेश वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है। इससे पहले निचली अदालत और फिर दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया गया था। इसके बाद करात ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जस्टिस केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ ने शहर की पुलिस को नोटिस जारी किया और तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा।
सुरजेवाला को आरोपपत्र की प्रति मुहैया कराए अदालत : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी की एक ट्रायल कोर्ट को 23 साल पुराने एक आपराधिक मामले में आरोपी कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला को आरोपपत्र की उपयुक्त प्रति मुहैया कराने का निर्देश दिया है। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ इलाहाबाद हाईकोर्ट के 20 मार्च के आदेश के खिलाफ सुरजेवाला की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। हाईकोर्ट ने वाराणसी की एक अदालत के समक्ष उनके खिलाफ आपराधिक मामले को रद्द करने से इन्कार कर दिया था। हालांकि हाईकोर्ट निर्देश दिया था कि यदि सुरजेवाला निचली अदालत के समक्ष आरोपमुक्ति के लिए आवेदन दायर करते हैं तो उस पर छह हफ्ते के भीतर शीघ्रता से विचार किया जाएगा और निर्णय लिया जाएगा।