दिल्ली की मेयर शैली ओबेरॉय की याचिका पर सुनवाई सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने टाल दिया है। जिसमें पैनल गठित होने तक स्थायी समिति के कार्यों को एमसीडी द्वारा करने की अनुमति देने का निर्देश देने की मांग की गई थी। सुनवाई करते हुए पीठ ने उपराज्यपाल कार्यालय के खिलाफ महापौर की याचिका पर सुनवाई दो सप्ताह के लिए टाल दी। इससे पहले एक अलग याचिका पिछले साल मई में आरक्षित की गई थी। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि फिर, हम इसे दो सप्ताह तक रोके रखेंगे, देखते हैं क्या होता है।
क्या है मामला
17 मई, 2023 को मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली सरकार द्वारा दायर एक अलग याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें एल्डरमेन को नामित करने की उपराज्यपाल की शक्ति को चुनौती दी गई थी। बता दें दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में 250 निर्वाचित और 10 नामांकित सदस्य हैं। दिल्ली सरकार ने आरोप लगाया था कि उपराज्यपाल ने उसकी सहायता और सलाह के बिना 10 सदस्यों को नामित किया।
नई याचिका में दिल्ली की मेयर नहीं चाहती कि नामांकित एल्डरमैन एमसीडी की स्थायी समितियों के लिए निर्वाचक मंडल का हिस्सा बनें। महापौर ने पैनल गठित होने तक स्थायी समिति के कार्यों को एमसीडी द्वारा करने की अनुमति देने का निर्देश मांगा। अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि स्थायी समिति सभी जरूरी काम करती है। मध्याह्न भोजन योजना समेत कई मुद्दों से निपटती है, जिनके लिए पांच करोड़ रुपये और उससे अधिक के बजट की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि स्थायी समिति का गठन नहीं किया गया है और इसका एक कारण यह हो सकता है कि शीर्ष अदालत ने पहले की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।