खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नु की हत्या की साजिश रचने के आरोपी निखिल गुप्ता को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। चेक गणराज्य में उसकी गिरफ्तारी व प्रत्यर्पण कार्यवाही के खिलाफ दायर याचिका शीर्ष अदालत ने खारिज कर दी। निखिल के परिवार के एक सदस्य ने कंसुलर एक्सेस यानी राजनयिक पहुंच की मांग वाली याचिका दाखिल की थी।
30 जून जेल में बंद है निखिल
याचिका में कहा गया था कि निखिल गुप्ता कानून का पालन करने वाले भारतीय नागरिक हैं। उन्हें हिरासत में लेकर प्राग के जेल में रखा गया है। उनकी जान को खतरा है। निखिल जून से चेक गणराज्य के जेल में बंद है। याचिका में कहा गया था कि 30 जून 2023 से निखिल चेक अधिकारियों की अवैध हिरासत में है।
अमेरिका के आदेश पर हुई थी गिरफ्तारी
बता दें कि चेक गणराज्य के न्याय मंत्रालय ने निखिल गुप्ता की गिरफ्तारी की पुष्टि की थी। यह कार्रवाई अमेरिका के आदेश पर की गई थी। अमेरिका ने गुप्ता पर खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि एक अज्ञात भारतीय सरकारी कर्मचारी के कहने पर निखिल गुप्ता ने अमेरिकी धरती पर पन्नू को मारने की साजिश रची।
अमेरिका का आरोप है कि निखिल गुप्ता ने पन्नू की हत्या के लिए एक शख्स को काम देने की कोशिश की। निखिल ने जिससे संपर्क साधा वह अमेरिका का खुफिया जासूस था। हत्या की साजिश के आरोप में दोषी पाए जाने पर निखिल को 20 साल की जेल की सजा हो सकती है। अमेरिका ने भारत सरकार के एक कर्मचारी पर भी आरोप लगाया है। उसकी पहचान फिलहाल गुप्त रखी गई है।