दिव्यांग डॉक्टर की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांगजन (पीडब्ल्यूडी) श्रेणी के तहत स्नातकोत्तर (पीजी) चिकित्सा पाठ्यक्रम में दाखिले के निर्देश को लेकर लोकोमोटर दिव्यांगता से प्रभावित एक डॉक्टर की याचिका पर केंद्र और अन्य से जवाब मांगा है। लोकोमोटर दिव्यांगता शब्द का इस्तेमाल सेरेब्रल पाल्सी के कई रूपों या हड्डियों, जोड़ों या मांसपेशियों से जुड़ी दिक्कतों के लिए किया जाता है। इससे अंगों की गति काफी हद तक प्रभावित होती है।
जस्टिस एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) और अन्य को नोटिस जारी कर 11 सितंबर तक जवाब मांगा है। शीर्ष कोर्ट डॉ. धर्मेंद्र कुमार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने पीडब्ल्यूडी श्रेणी के तहत स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश की मांग की है।