सुप्रीम कोर्ट ने यह सवाल करते हुए सेना की खिंचाई की कि उसने मणिपुर में अपने कर्मियों के खिलाफ बलात्कार और हत्या के आरोपों पर चुप्पी क्यों साधे रखी। न्यायालय ने उनके खिलाफ ये मामले आगे नहीं बढ़ाने के लिए राज्य सरकार से भी सवाल किया। साथ ही अदालत ने इन मामलों की छानबीन के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन करने का आदेश दिया।
न्यायालय ने मणिपुर सरकार से यह समझाने के लिए भी कहा कि उसकी यह ‘लाचारी’ थी या एक ‘मौन सहमति’ कि सैन्य कर्मियों के खिलाफ बलात्कार और हत्या के गंभीर आरोप होने के बावजूद वह उनके खिलाफ आगे नहीं बढ़ेगी।
न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति यूयू ललित की एक पीठ ने सेना और असम राइफल्स के लिए पेश होने वाले अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से पूछा, ‘आप चुप क्यों रहे?’ इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा, ‘ये केवल आरोप हैं। सवाल है कि सैन्य कर्मियों ने क्या बलात्कार किया।’