उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति जयंत नाथ को दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने पारित किया, जिसे दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने बताया कि शीर्ष अदालत इस पद के लिए किसी को भी चुन सकती है।
पीठ ने कहा कि हम उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति जयंत नाथ से डीईआरसी के अध्यक्ष के पद के कर्तव्यों का निर्वहन करने का अनुरोध करते हैं। पीठ में न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे। पीठ ने कहा कि हम उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति जयंत नाथ से डीईआरसी के अध्यक्ष पद के कर्तव्यों का निर्वहन करने का अनुरोध करते हैं।
शीर्ष अदालत ने 20 जुलाई को मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि वह तदर्थ आधार पर संक्षिप्त समय के लिए डीईआरसी अध्यक्ष की नियुक्ति करेगी, जब तक कि ऐसी नियुक्ति करने की उपराज्यपाल की शक्ति को चुनौती देने वाली दिल्ली सरकार की याचिका पर फैसला नहीं हो जाता।
न्यायालय ने इस बात पर क्षोभ जताया था कि 'अध्यक्षविहीन' संस्था की किसी को परवाह नहीं है। डीईआरसी अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर अरविंद केजरीवाल नीत आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना के बीच गतिरोध बने रहने के बीच, शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह कुछ होमवर्क करेगी और किसी को संक्षिप्त अवधि के लिए इस पद पर नियुक्त करेगी।
20 जुलाई को मामले की सुनवाई करते हुए, शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह तदर्थ आधार पर एक संक्षिप्त अवधि के लिए डीईआरसी अध्यक्ष की नियुक्ति करेगी, जब तक कि इस तरह की नियुक्ति करने की उपराज्यपाल की शक्ति को चुनौती देने वाली दिल्ली सरकार की याचिका पर फैसला नहीं हो जाता।