सुप्रीम कोर्ट केरल के दो मछुआरों की हत्या के आरोपी इतालवी नौसैनिक साल्वोटोर गिरोने की उस याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है जिसमें उसने स्वदेश जाने की अनुमति देने की गुहार की गई है। शीर्ष अदालत 26 मई को याचिका पर सुनवाई करेगी। इतालवी नौसैनिक साल्वोटोर गिरोने ने अपनी याचिका में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता ट्रिब्यूनल जब तक भारत और इटली के क्षेत्राधिकार विवाद का निपटारा नहीं कर लेता तब तक जमानत शर्त में ढील देते हुए उसे इटली जाने की अनुमति दी जाए।
उसने दूसरे आरोपी मिसीमिलियानो लाटोरे की तरह ही छूट देने की गुहार की है। मालूम हो कि चिकित्सकीय आधार पर लाटोरो फिलहाल इटली में है और हाल ही अदालत ने 30 सितंबर तक लाटोरो को इटली में रहने की इजाजत दे दी थी। केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) पिंकी आनंद ने न्यायमूर्ति पीसी पंत और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष कहा कि सरकार को इसमें कोई आपत्ति नहीं है गिरोने को भी लाटोरो की तरह छूट दी जाए।
सोमवार को सुनवाई के दौरान पीठ ने सवाल किया कि इस मामले की सुनवाई तीन सदस्यीय पीठ कर रही है, ऐसे में दो सदस्यीय पीठ जमानत की शर्तों में ढील कैसे दे सकती है। इस पर एएसजी ने कहा कि जमानत पर आदेश शुरुआत में दो सदस्यीय पीठ ने ही दिया था, ऐसे में इस याचिका पर भी दो सदस्यीय पीठ सुनवाई कर सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की कार्यवाही तेजी से हो रही है और लोटोरे की तरह गिरोने को भी छूट दी जा सकता है।