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गुहार: खरीदारों को रकम लौटाने के लिए सुपरटेक के पास पैसा नहीं, कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

Fri, 06 May 2022 10:41 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुपरटेक लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंधन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एस गणेश ने कहा कि उन्होंने बैंक के साथ कई दौर की बैठक की है और बकाया राशि के विवाद को सुलझाने के लिए
और बैठकें होने की संभावना है।
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सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : PTI
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विस्तार
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नोएडा स्थित ट्विन टावरों के घर खरीदारों को रकम लौटाने के लिए सुपरटेक लिमिटेड के पास पर्याप्त पैसा नहीं है। यह जानकारी कंपनी ने शुक्रवार (6 मई) को सुप्रीम कोर्ट को दी। रियल एस्टेट प्रमुख सुपरटेक लिमिटेड ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वह बकाया भुगतान को लेकर विवाद को सुलझाने के लिए वित्तीय लेनदार यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से बात कर रहा है।

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जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ को एमिकस क्यूरी(न्याय मित्र) गौरव अग्रवाल ने बताया कि  सुपरटेक लिमिटेड के पास एमराल्ड कोर्ट परियोजना में ढहाए गए ट्विन टावरों के घर खरीदारों को धनवापसी करने के लिए पर्याप्त राशि नहीं है। अग्रवाल से कहा कि अदालत के आदेश के अनुसार ट्विन टावर्स के घर खरीदारों को भुगतान करने के लिए कोई रास्ता निकालना होगा।

अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने अदालत के निर्देश के अनुसार सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट दाखिल की है जिसमें ट्विन टावर्स के 107 घर खरीदारों की एक अलग सूची दी गई है, जिन्हें रकम वापस किया जाना बाकी है। न्याय मित्र ने कहा है कि अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) ने रिपोर्ट में कहा है कि ट्विन टावर्स के घर खरीदारों को भुगतान करने के लिए कंपनी के खातों में पर्याप्त धनराशि नहीं
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है। 

उन्होंने आगे कहा कि उन्हें सूचित किया गया है कि रियल एस्टेट कंपनी के तत्कालीन प्रबंधन ने 25 मार्च, 2022 के उस आदेश को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) को चुनौती दी है जिसके द्वारा सुपरटेक लिमिटेड के खिलाफ कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू की गई है। इस अपील पर एनसीएलएटी में 17 मई को सुनवाई होनी है। उन्होंने यह भी सूचित किया कि तत्कालीन प्रबंधन वित्तीय लेनदार (यूनियन बैंक ऑफ इंडिया) के साथ विवाद को निपटाने की कोशिश कर रहा है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के आवेदन पर ही दिवाला प्रक्रिया शुरू की गई है।

वहीं, सुपरटेक लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंधन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एस गणेश ने कहा कि उन्होंने बैंक के साथ कई दौर की बैठक की है और बकाया राशि के विवाद को सुलझाने के लिए
और बैठकें होने की संभावना है। गणेश ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि एनसीएलएटी में सुनवाई की अगली तारीख से पहले इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा।' इसके बाद पीठ ने मामले की अगली
सुनवाई 18 मई करने का निर्णय लिया। गत अप्रैल को शीर्ष अदालत ने कहा कि वह रियल एस्टेट डेवलपर सुपरटेक लिमिटेड की एमराल्ड कोर्ट परियोजना के 40 मंजिला ट्विन रोवर्स के घर खरीदारों के हितों की रक्षा करेगी, जिसे अब एनसीएलटी द्वारा दिवालिया घोषित कर दिया गया है।

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