सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराए जाने की मांग वाली भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका पर उनसे कहा है कि अदालत को पहले संतुष्ट करें कि क्या यह विचार के योग्य है?
बता दें कि सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 को दिल्ली के एक पांच सितारा होटल के सूइट में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और जस्टिस अमिताव राय की पीठ ने इस मामले में सुनवाई के दौरान स्वामी से कहा कि उनको पहले अदालत को इस बारे में संतुष्ट करना पड़ेगा कि उनकी याचिका क्यों विचारणीय है। इस दौरान स्वामी ने कहा कि यह जनहित का मामला है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मामले में दिल्ली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने में करीब एक साल का समय लग गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सुनंदा की मौत अस्वाभाविक हुई थी।
पीठ ने भाजपा नेता से कहा कि याचिका विचार किए जाने के योग्य है या नहीं, सबसे पहले वह इस सवाल पर बहस करें। इसके साथ ही सर्वोच्च अदालत ने मामले की सुनवाई तीन हफ्ते के लिए स्थगित कर दी। बता दें कि सुब्रह्मण्यम स्वामी ने दिल्ली हाईकोर्ट के पिछले साल 26 अक्तूबर के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें कोर्ट ने सुनंदा पुष्कर की मौत की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग वाली की याचिका खारिज कर दी थी।