जानकारों का कहना है कि 'ट्रैड' शब्द का वह अर्थ नहीं है, जो शब्दकोशों से समझा जा सकता है। यह 20 वीं सदी में होने वाले परंपरागत 'नाच गानों' के लिए अंग्रेजी में इस्तेमाल किए जाने वाले 'जैज' (jazz ) से मिलता-जुलता है।
मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें दिखाकर कथित तौर पर उनकी नीलामी करने से जुड़े बहुचर्चित मामले 'सुल्ली डील्स एप' में गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी है। ओंकारेश्वर ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद से मामले में नए खुलासे भी हो रहे हैं। इस मामले में एक शब्द 'ट्रैड' (Trad) का बड़ा इस्तेमाल हो रहा है। कई भारतीयों ने इसे पहली बार सुना होगा।
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दरअसल इस 'ट्रैड' शब्द का वह अर्थ नहीं है, जो शब्दकोशों से समझा जा सकता है। जानकारों का कहना है कि यह 20 वीं सदी में होने वाले परंपरागत 'नाच गानों' के लिए अंग्रेजी में इस्तेमाल किए जाने वाले 'जैज' (jazz ) से मिलता-जुलता है।
ओंकारेश्वर ठाकुर को सुल्ली डील्स एप बनाने व इस पर मुस्लिम महिलाओं के फोटो जारी कर उनकी बोली लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पिछले दिनों इस मामले का भंडाफोड़ हुआ था कि मुस्लिम महिलाओं की आनलाइन नीलामी हो रही है। एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी यह मामला उठाया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मप्र के इंदौर से इस एप के मास्टर माइंड ठाकुर व मुंबई व उत्तराखंड से कई लोगों को पकड़ा है। इसके बाद एक अन्य एप 'बुल्ली बाई' का पता चला था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में नीरज बिश्नोई को गिरफ्तार किया है।
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सोशल मीडिया में कई समूह सक्रिय
आरोपी ओंकारेश्वर ठाकुर ने पुलिस को बताया कि वह इस 'ट्रैड' का सदस्य था। उसके दिमाग में यह एप बनाने का विचार कहां से आया, इस बारे में पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया में कई 'ट्रैड ग्रुप' सक्रिय हैं। ठाकुर ट्विटर पर ऐसे ही एक ग्रुप में जनवरी 2020 में जुड़ा था।