पश्चिम बंगाल छात्र समाज ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज की जूनियर डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर मंगलवार को नवन्ना ( प्रदेश सचिवालय) अभियान का आह्वान किया है। इसमें भारी संख्या में लोगों के शामिल होने का अनुमान है। पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, लेकिन यह साफ भी कर दिया गया है कि यह अभियान अवैध है क्योंकि उसे अनुमति नहीं दी गई है।
सोमवार शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य पुलिस के एडीजी (दक्षिण बंगाल) सुप्रतिम सरकार ने बताया कि मंगलवार के अभियान के लिए पहले पुलिस से कोई अनुमति नहीं मांगी गई थी, लेकिन सोमवार दोपहर को दो ईमेल आईं। लेकिन उन ईमेल्स में कई समस्याएं होने के कारण पुलिस ने दोनों संगठनों के नवान्न अभियान की अनुमति नहीं दी। हालांकि, इस अभियान के मद्देनजर प्रदेश सचिवालय नवान्न और आसपास के इलाकों को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। यहां मंत्री, नौकरशाह और मुख्यमंत्री का भी कार्यालय है।
सुरक्षा व्यवस्था में कोलकाता और बंगाल पुलिस के करीब 4,500 जवान लगाए गए हैं। आईजी और डीआईजी रैंक के 21 अधिकारी तैनात रहेंगे। 13 एसपी या डीसी रैंक के अधिकारी मौजूद रहेंगे। साथ ही एडीसीपी या एसपी रैंक के 15 अधिकारियों को भी नवान्न एवं आसपास के इलाकों में तैनात किया जाएगा। साथ ही 22 एसीपी या डिप्टी एसीपी रैंक के अधिकारियों और 26 इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों के साथ दो हजार से अधिक पुलिसकर्मी नवान्न और आसपास के इलाकों में कानून व्यवस्था की स्थिति संभालेंगे।
यूजीसी-नेट के परीक्षार्थी हो रहे परेशान
मंगलवार को ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा( यूजीसी-नेट) भी है। इसे लेकर परीक्षार्थियों में परेशानी देखने को मिल रही है। लेकिन कोलकाता पुलिस ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट साझा कर विद्यार्थियों से कहा है कि परीक्षा निर्धारित समय पर होगी। किसी तरह की दिक्कत होने पर विद्यार्थियों से निकटतक पुलिस कर्मी या फिर पुलिस थाने में संपर्क करने के लिए कहा है।
सेमिनार हॉल का वीडियो वायरल
आरजी कर मेडिकल कॉलेज के उस सेमिनार हॉल का एक वीडियो वायरल हुआ है जहां जूनियर महिला डॉक्टर का शव मिला था। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में पूर्व प्राचार्य संदीप घोष के करीबी लोगों से भरा एक कमरा दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि 43 सेकंड के इस वीडियो में महिला चिकित्सक का शव मिलने के तुरंत बाद का दृश्य कैद है। हालांकि, वीडियो में मृत महिला चिकित्सक का शव दिखाई नहीं दे रहा है।
इन लोगों के होने का दावा
दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो में पूर्व प्राचार्य घोष के तत्कालीन निजी सहायक प्रसून चट्टोपाध्याय, संदीप के वकील शांतनु डे, फोरेंसिक मेडिसिन के शिक्षक देबाशीष सोम शामिल हैं। आरजी कर मेडिकल कॉलेज के आउटपोस्ट के ओसी संजीव मुखोपाध्याय को भी इस वीडियो में दिखाया गया है, ऐसा दावा किया गया है। इस वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद कई सवाल उठने लगे हैं। कई लोगों का कहना है कि अगर यह वीडियो महिला चिकित्सक के शव मिलने के बाद का है, तो सवाल उठता है कि जिस जगह से शव मिला, वहां इतने सारे लोग कैसे पहुंचे, जबकि पुलिस मौजूद थी?
जिज्ञासु लोग आ जाते हैः फिरहाद
इस बारे में मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम ने कहा, मैंने भी वीडियो देखा है। उस समय कुछ लोग वहां चले गए थे। लेकिन फोरेंसिक के आने के बाद सेमिनार हॉल को ताले लगाकर सील कर दिया गया था। ऐसे मामलों में जिज्ञासु लोग इस तरह आ जाते हैं। लेकिन मुझे विश्वास है कि इस घृणित अपराध की सजा होगी।