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नहीं हुई सुनवाई तो टंकी पर चढ़ गया छात्र, प्रशासन के हाथ-पांव फूले

Wed, 16 Mar 2016 04:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा

सार

  • अनशनकारी मंगलवार की सुबह परिसर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गया।
  • पुलिस ने छात्र को गिरासू टंकी पर चढ़ा देखा तो हाथ-पांव फूल गए।
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टंकी पर चढ़ा छात्र - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विस्तार
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भ्रष्टाचार, मार्कशीट में त्रुटियां जैसी समस्याओं के लिए भूख हड़ताल के आठवें दिन छात्रों का धैर्य जवाब दे गया। 12 सूत्रीय मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन के ढुलमुल रवैये से आजिज एक अनशनकारी मंगलवार की सुबह परिसर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गया।
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सूचना पर आई पुलिस ने छात्र को गिरासू टंकी पर चढ़ा देखा तो हाथ-पांव फूल गए। पुलिस के कई बार कहने पर भी छात्र नीचे नहीं उतरा। उसकी हालत खराब होते देख अन्य दो अनशनकारी टंकी पर चढ़े और उसे बमुश्किल नीचे उतरा। हालत बिगड़ने पर उसे एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया।

एमबीबीएस चार्ट चोरी, बीएड फर्जीवाड़ा, सिंगल विंडो सिस्टम, मार्कशीट-डिग्री जैसी मांगों को लेकर दो मार्च से समाजवादी छात्रसभा की ओर से विश्वविद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना जारी है। विश्वविद्यालय की ओर से कोई सुनवाई न होते देख आठ मार्च से आलोक यादव, अनूप जैसवाल, अमित प्रताप और मानवेंद्र सिंह भूख हड़ताल पर बैठ गए।
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सातवें दिन सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान भी छात्रों से मिलीं। उन्होंने कुलपति के समक्ष भी समस्याएं रखीं, पर समाधान नहीं निकला। ऐसे में आठवें दिन आगरा कालेज बीएएलएलबी का छात्र मानवेंद्र प्रताप टंकी पर चढ़ गया। विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्र मांग पूरी न होने तक नीचे न उतरने की जिद पर अड़ा रहा।

हादसे की आशंका पर पुलिस ने सभा जिलाध्यक्ष से छात्र को नीचे लाने के लिए कहा। इस पर अध्यक्ष अपने एक साथी के साथ टंकी पर चढ़े, फोन पर प्रदर्शनकारी से उसके परिवारीजनों से फोन पर बात कराई। तब कहीं जाकर वह नीचे उतरने को राजी हुआ। इससे पहले भी कई बार छात्र मांग पूरी न होने पर टंकी पर चढ़ प्रदर्शन कर चुके हैं।

सभा जिलाध्यक्ष आलोक यादव का कहना है कि मांगों पर आश्वासन नहीं कार्रवाई चाहिए। अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, इनकी जांच के लिए राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित करने की मांग की है। 
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हो सकता था बड़ा हादसा

टंकी पर चढ़ा छात्र - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
- विश्वविद्यालय परिसर में स्थित टंकी गिरासू है। इसे जर्जर भी घोषित किया जा चुका है। इसके आसपास आवाजाही भी बंद है। इसके चारों ओर बाड़ भी बांध रखी है। आए दिन टंकी से कंक्रीट और प्लास्टर गिरता रहता है। कई बार छात्र चुटैल भी हो चुके हैं। 

नहीं पहुंचे विवि अधिकारी

- 15 दिन से चल रहे धरने पर विश्वविद्यालय से कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं आया। स्थिति ये कि टंकी पर छात्र के चढ़ जाने के बाद भी विवि प्रशासन के किसी अधिकारी ने आने की जरूरत नहीं समझी। 

विश्वविद्यालय का ये है हाल

- 2010-15 से 80 हजार मार्कशीट सही होने को पड़ी
- 2000-2015 तक 45 हजार डिग्रियां बनने को बाकी
- 2014-15 की साढ़े तीन लाख मार्कशीट कालेज नहीं पहुंची
- 2013 और 2014 एमबीबीएस के गोपनीय चार्ट चोरी
- 2006 से 2013 में बीएड में हजारों मार्कशीट फर्जी
- बीटेक-एमबीए, एमसीए की 70 फर्जी मार्कशीट पकड़ी
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