आयकर विभाग ने नोटबंदी के बाद बैंकों में मोटी रकम जमा कराने वाले एक लाख लोगों और फर्मों को नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि संदिग्ध गड़बड़ियों की गहन जांच के लिए ऐसे लोगों के आयकर रिटर्न को निकाल लिया गया है।
सूत्रों ने बताया कि ऐसे लोगों को नोटिस भेजने का काम इसी हफ्ते शुरू किया जाएगा। पहले चरण में 70000 लोगों को नोटिस भेजा जाएगा, जिन्होंने बैंकों में 50 लाख से ज्यादा रकम जमा कराई, लेकिन रिटर्न नहीं भरा या आयकर विभाग को जवाब नहीं दिया। इसी तरह दूसरे चरण में करीब 30000 ऐसे लोगों को नोटिस भेजा जाएगा, जिन्होंने नोटबंदी के बाद बड़ी रकम जमा कराई, लेकिन उनके रिटर्न और खाते के पूर्व के लेनदेन काफी विरोधाभासी हैं।
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पिछले साल 8 नवंबर को सरकार द्वारा नोटबंदी की घोषणा के बाद विभाग ने करीब 20572 रिटर्न को जांच के लिए चुना है। अधिकारी ने बताया कि विभाग का यह कदम ‘ऑपरेशन क्लीन मनी’ का हिस्सा है, जो उसने कालेधन पर रोक लगाने के लिए इस वर्ष जनवरी में उठाए थे। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक नोटबंदी के बाद आयकर अधिकारियों ने 23.22 लाख बैंक खातों में 3.68 लाख करोड़ के 17.73 लाख संदिग्ध मामलों का पता लगाया है।