वाराणसी में तेज आंधी के बीच भागते लोग
- फोटो : ब्यूरो/ वाराणसी
नम हवाओं के झोंके और लोकल हीटिंग के चलते पूर्वांचल में आंधी के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार को दिन में 75-78 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली आंधी ने पेड़, बिजली के खंभों समेत तमाम इंतजामों को हिला दिया। फिलहाल पुरवा के अलावा उत्तर-पश्चिम हवा के झोंके पूर्वांचल में चलते रहेंगे। बीएचयू के मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पूर्वांचल के कुछ इलाकों में आंधी के साथ बारिश हो सकती है।
नम हवाओं के साथ लोकल हीटिंग के असर के चलते आसमान में बादल छा गए हैं। लखनऊ समेत पूर्वांचल के कई इलाकों में हवा के कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इससे बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। लोकल हीटिंग की वजह से भी बादलों के बरसने की उम्मीद लगाई जा रही है लेकिन वाराणसी में मेघ नहीं बरसेंगे। बीएचयू के मौसम विज्ञानी डॉ. राजीव भाटला के मुताबिक काशी में अभी आर्द्रता 76.29 प्रतिशत तक ही है। इससे बारिश के लायक माहौल नहीं बन सकेगा। वाराणसी में बारिश के लिए कम से कम 90 प्रतिशत तक आर्द्रता की जरूरत होगी। हालांकि आंधी के साथ हल्की बारिश इसी तरह वाराणसी समेत आसपास के इलाकों में अगले 48 घंटे के दौरान होने का अनुमान है।
बाबतपुर मौसम केंद्र के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। आंधी की रफ्तार 75 से 78 किमी प्रति घंटा रिकार्ड की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्वांचल में चक्रवाती हवा के झोंके किसी भी समय चल सकते हैं। आंधी और बिजली गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल हो गए।