कर्नाटक में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए विधायकों से समर्थन हासिल करने से संबंधित दो स्टिंग सामने आने के बाद कांग्रेस ने उठाया कदम
कनार्टक में होने वाले राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में दो स्टिंग सामने आने के बाद विधायकों की खरीद फरोख्त की आशंका जताते हुए कांग्रेस की तरफ से राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह की अगुवाई में सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयोग को एक ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में कांग्रेस की तरफ से कहा गया है कि कर्नाटक में 11 जून को राज्यसभा का चुनाव होना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वोट हासिल करने के लिए कुछ विधायकों से बात करते हुए दिखाया जा रहा है। जिससे चुनाव में विधायकों की खरीद फरोख्त की बात को बल मिलता है। इसकी शिकायत कनार्टक राज्य निर्वाचन अधिकारी से इस बारे में शिकायत की जा चुकी है। ज्ञापन में 2012 में झारखंड में हुए इस तरह के प्रकरण का भी जिक्र किया गया है। कांग्रेस ने मांग की है कि समय रहते इस मामले पर उचित कदम निर्वाचन आयोग द्वारा उठाया जाए। संवैधानिक तरीके से चुनाव का पारदर्शिता के तहत कराए जाए।
इस बीच खरीद फरोख्त और तोड़फोड़ के डर से कांग्रेस ने कर्नाटक के 14 विधायकों को मुंबई के एक होटल में भेज दिया है। कांग्रेस उत्तराखंड में पार्टी में हुई बगावत से सबक लेना चाहती है। वह नहीं चाहती कि पार्टी के विधायक किसी दूसरे दल के संपर्क में आकर बाद में परेशानी का सबब बने। गौरतलब है कि उत्तराखंड में पार्टी को अपनी सरकार अपने दल के बागी विधायकों के कारण ही गंवानी पड़ी थी।
राज्यसभा में कर्नाटक की 12 सीट हैं। फिलहाल 4 कांग्रेस, 5 बीजेपी के पास हैं। जेडीएस-निर्दलीय के पास 2 सीट हैं, जबकि एक सीट विजय माल्या के इस्तीफे से खाली हुई है।