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कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए ये तीन नाम आगे, प्रियंका ने राहुल गांधी को साहसी बताया

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: शिल्पा ठाकुर Updated Thu, 04 Jul 2019 04:40 PM IST

सार

कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए शिंदे, अशोक गहलोत और खड़गे के नाम पर पार्टी कर रही विचार।
अशोक गहलोत को दिल्ली में रोका गया, अहमद पटेल ने कहा- राहुल हमारे नेता।
गांधी परिवार के बिना कांग्रेस एकजुट नहीं हो सकती: डीके शिवकुमार।
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Rahul gandhi, Priyanka gandhi - फोटो : Twitter Congress @INCIndia

राहुल गांधी ने अटकलों पर विराम लगाते हुए बुधवार को कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। अब इस पद के लिए नए चेहरे की तलाश की जा रही है। इसी बीच कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता अब भी राहुल के फैसले को गलत बता रहे हैं। तो कुछ उनके साहस की सराहना कर रहे हैं।

गुरुवार को कांग्रेस महासचिव और राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी ने उनके इसक कदम की तारीफ की।  उन्होंने कहा है, "ऐसा करने का साहस बहुत कम में होता है, जैसा आपने किया। आपके फैसले के प्रति गहरा सम्मान।"


 


राहुल गांधी हमेशा हमारे नेता रहेंगे

वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल का कहना है कि राहुल हमेशा मेरे नेता रहेंगे और उनका इस्तीफा देना दुर्भाग्यपूर्ण है। 

पटेल ने इस मामले में ट्वीट करते हुए कहा, "राहुल का इस्तीफा दुर्भाग्यपूर्ण है। इस चुनाव में हुई हार के हम सभी जिम्मेदार हैं। उन्होंने पार्टी को मजबूत करने के लिए अपने छोटे कार्यकाल में ही महत्वपूर्ण योगदान दिया है और पार्टी को भरोसा है कि वो आगे भी इसी तरह हमारे साथ रहेंगे।"

सांसद अहमद पटेल ने एक अन्य ट्वीट में कहा, "राहुल गांधी हमेशा हमारे नेता रहेंगे। और हमें यकीन है कि वह कांग्रेस को मजबूती देते रहेंगे।" 

वहीं कर्नाटक के मंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, "गांधी परिवार के बिना कांग्रेस एकजुट नहीं हो सकती, बिना कांग्रेस के एकजुट हुए देश को एकजुट नहीं किया जा सकता। गांधी परिवार इस पार्टी को मजबूत रखने, एकजुट करने और फिर से सत्ता में लाने के लिए एकमात्र ताकत है।" 

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Rahul gandhi, Priyanka gandhi - फोटो : Twitter Congress @INCIndia
राहुल गांधी ने अटकलों पर विराम लगाते हुए बुधवार को कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। अब इस पद के लिए नए चेहरे की तलाश की जा रही है। इसी बीच कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता अब भी राहुल के फैसले को गलत बता रहे हैं। तो कुछ उनके साहस की सराहना कर रहे हैं।

गुरुवार को कांग्रेस महासचिव और राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी ने उनके इसक कदम की तारीफ की।  उन्होंने कहा है, "ऐसा करने का साहस बहुत कम में होता है, जैसा आपने किया। आपके फैसले के प्रति गहरा सम्मान।"
 


राहुल गांधी हमेशा हमारे नेता रहेंगे

वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल का कहना है कि राहुल हमेशा मेरे नेता रहेंगे और उनका इस्तीफा देना दुर्भाग्यपूर्ण है। 

पटेल ने इस मामले में ट्वीट करते हुए कहा, "राहुल का इस्तीफा दुर्भाग्यपूर्ण है। इस चुनाव में हुई हार के हम सभी जिम्मेदार हैं। उन्होंने पार्टी को मजबूत करने के लिए अपने छोटे कार्यकाल में ही महत्वपूर्ण योगदान दिया है और पार्टी को भरोसा है कि वो आगे भी इसी तरह हमारे साथ रहेंगे।"

सांसद अहमद पटेल ने एक अन्य ट्वीट में कहा, "राहुल गांधी हमेशा हमारे नेता रहेंगे। और हमें यकीन है कि वह कांग्रेस को मजबूती देते रहेंगे।" 

वहीं कर्नाटक के मंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, "गांधी परिवार के बिना कांग्रेस एकजुट नहीं हो सकती, बिना कांग्रेस के एकजुट हुए देश को एकजुट नहीं किया जा सकता। गांधी परिवार इस पार्टी को मजबूत रखने, एकजुट करने और फिर से सत्ता में लाने के लिए एकमात्र ताकत है।" 

अशोक गहलोत (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

इस्तीफा बेहद निराशाजनक

पार्टी के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उम्मीद जताई है कि गांधी अपने निर्णय पर पुनर्विचार करेंगे। 

गहलोत ने ट्वीट कर कहा, "राहुल गांधी जी का इस्तीफा बेहद निराशाजनक है। वह स्पष्ट दृष्टिकोण और सकारात्मक ऊर्जा के साथ पार्टी का नेतृत्व करते रहे हैं। वो देश में विपक्ष की सबसे मजबूत आवाज बन गए और उन्होंने देश के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए पार्टी का नेतृत्व किया।" 



गहलोत ने आगे लिखा, "हम आशा करते हैं कि वह अपने फैसले पर एक बार फिर विचार करेंगे। क्योंकि पार्टी और देश को भी उनकी जरूरत है ताकि सक्षम विपक्ष की भूमिका का निर्वहन हो सके। हमें उम्मीद है कि राहुल जल्द ही उसी ऊर्जा और भावना के साथ वापस आएंगे और हमारा नेतृत्व करेंगे। हम उनके नेतृत्व में वापसी करेंगे और फासीवादी ताकतों को पराजित करते रहेंगे।"  

पत्र में क्या लिखा राहुल ने?

राहुल गांधी ने चार पेज का पत्र लिखकर कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। जिसमें उन्होंने कहा है, "मेरे लिए कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर काम करना सबसे बड़ा सम्मान है।" राहुल ने अपने पत्र में यह भी कहा कि पार्टी को कई कड़े फैसले लेने होंगे। 


कौन संभाल सकता है पार्टी की कमान?

कांग्रेस की कमान संभालने के लिए जिन नेताओं का नाम चल रहा है उनमें महाराष्ट्र के सुशील कुमार शिंदे (77) सबसे आगे हैं। प्रशासनिक और संगठनात्मक क्षमता के साथ शिंदे प्रमुख दलित चेहरा हैं। महाराष्ट्र में चुनाव को देखते हुए वह अहम साबित हो सकते हैं। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (68) का नाम भी चर्चा में है। प्रभारी के तौर पर गुजरात विधानसभा चुनाव में पार्टी के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद राहुल ने उन्हें संगठन महासचिव बनाया था।

हलोत पिछड़ी जाति से हैं। वहीं, दक्षिण से वरिष्ठ नेता मल्किकार्जुन खड़गे (76) पिछली लोकसभा में कांग्रेस दल के नेता रहे। खड़गे अच्छी हिंदी भी बोलते हैं। हालांकि पार्टी का प्रमुख दलित चेहरा खड़गे लोकसभा चुनाव हार चुके हैं।
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