सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में विवादित जमीन के मालिकाना हक के मामले में सुनवाई जनवरी तक टाल दी। तारीख पर तारीख मिलने के बाद सियासत और बयानबाजी और तेज हो गई है। भाजपा के कुछ नेता और हिंदू संगठन जहां सरकार से अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने मंदिर पर अध्यादेश की सुगबुगाहट पर पीएम नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है। जनवरी 2019 तक सुनवाई टलने का मतलब साफ है कि लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या मामले में फैसले की उम्मीद कम है, क्योंकि अप्रैल-मई 2019 में आम चुनाव कराए जा सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कि इस मुद्दे पर किसने क्या कहा-
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह- 'अब हिंदुओं का सब्र टूट रहा है। मुझे भय है कि अगर हिंदुओं का सब्र टूटा तो क्या होगा?'
एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी- 'वह क्यों नहीं लाते (राम मंदिर पर अध्यादेश)? उन्हें ऐसा करने दो। हर समय वह धमकी देते रहते हैं कि वह अध्यादेश लेकर आएंगे। भाजपा, आरएसएस और वीएचपी का हर टॉम, डिक और हैरी यही कहता है। करिए... आप पावर में हैं। मैं आपको ऐसा करने की चुनौती देता हूं। देखते हैं।'कि हिंदुओं का सब्र टूटा तो क्या होगा।'