संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया है। इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत बताया जा रहा है। इस मौके पर भाजपा ने गुरुवार को कहा कि विपक्षी दल इस उपलब्धि पर खुशियां मनाने से कतरा रहे हैं क्योंकि उन्हें राजनीतिक कीमत चुकाने का डर सता रहा है।
कांग्रेस ने दावा किया था कि मसूद अजहर पर प्रतिबंध यूपीए की सरकार के समय किए गए प्रयास के कारण लगा है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि देश जिसके लिए पिछले 10 साल से प्रयास कर रहा था, मौजूदा सरकार ने उसे कर दिखाया, "लेकिन वे (विपक्ष) कहते हैं कि, यह तो बस यूं ही है, इसमें बड़ा क्या है।"
पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि देश में परंपरा थी कि लोग विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर एक स्वर में बोलते थे, लेकिन पिछले कुछ साल में इसमें बदलाव आया है।
अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किये जाने को "भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि" बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा , "अगर भारत जीतता है तो भारतीय जीतता है, लेकिन विपक्ष में कुछ ऐसे दोस्त भी हैं जो इसकी खुशियां नहीं मना रहे क्योंकि उन्हें राजनीतिक कीमत चुकाने का डर सता रहा है।"
संवाददाता सम्मेलन में मौजूद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र की यह घोषणा महत्वपूर्ण है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विदेश मंत्रालय द्वारा लगातार की गई कोशिशों का नतीजा है।