पुरी रथ यात्रा में भगदड़ पर सीएम मोहन माझी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए श्रद्धालुओं से माफी मांगी। साथ ही सीएम माझी ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख की सहायता राशि देने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि यह लापरवाही अक्षम्य है। सुरक्षा चूक की जांच के आदेश दिए गए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार शोक संतप्त परिवारों के साथ है। उधर, विपक्षी नेता और पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने राज्य सरकार को इस घटना के लिए जिम्मेदार बताया।
रविवार सुबह पुरी के गुंडिचा मंदिर के पास रथ यात्रा के दौरान मचे भगदड़ में तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं 50 से ज्यादा लोगों के घायल हो गए। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री चरण मोहन माधी ने गहरा दुख जताते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। साथ ही भगदड़ में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिवारों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से 25 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। अपने सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह था, जिसकी वजह से भीड़ बढ़ी और अफरा-तफरी मच गई। इसी कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ।
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सीएम माझी ने श्रद्धालुओं से मांगी माफी
अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से इस घटना को लेकर क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि मैं और मेरी सरकार महाप्रभु जगन्नाथ के सभी भक्तों से क्षमा याचना करते हैं। जो श्रद्धालु इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे, उनके परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है। हम प्रार्थना करते हैं कि भगवान उन्हें यह दुख सहने की शक्ति दें।
सुरक्षा में लापरवाही अक्षम्य- सीएम माझी
पटनायक ने राज्य सरकार से की अपील
इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री पटनायक ने राज्य सरकार से अपील की कि वह आगामी रथ यात्रा के महत्वपूर्ण आयोजनों जैसे अडापा बीजे”, “बहुड़ा यात्रा” और सुनाबेशा के दौरान कड़े इंतजाम सुनिश्चित करे, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनी रहे।