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SSC Scam: दागी उम्मीदवारों को नई स्कूल नौकरियों की भर्ती में हिस्सा लेने पर रोक, हाईकोर्ट ने आयोग को दिया आदेश

Mon, 07 Jul 2025 08:23 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

याचिकाकर्ताओं के वकील फिरदौस शमीम ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और एसएससी संदिग्ध शिक्षकों के पक्ष में खड़ी हैं। टीएमसी प्रवक्ता जय प्रकाश मजूमदार ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा उन लोगों के हितों की रक्षा करती है, जिन्होंने इस मामले में अपनी नौकरी खो दी है। राज्य कोर्ट के आदेशों के अनुसार काम करेगा और इस मामले में कानूनी रास्तों की तलाश करेगा।
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कलकत्ता हाई कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) को आदेश दिया कि 2016 के चयन प्रक्रिया के संदिग्ध उम्मीदवारों को 2025 की नई भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित किया जाए। इस आदेश के बाद यदि कोई संदिग्ध उम्मीदवार पहले से नौकरी के लिए आवेदन कर चुका है, तो उसे अस्वीकार माना जाएगा। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की बेंच ने यह आदेश उस समय दिया जब उन्होंने एसएससी की तरफ से 2025 की भर्ती गाइडलाइनों के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि एसएससी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार नई चयन प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना होगा।
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SSC ने 30 मई को जारी किया था भर्ती का नोटिफिकेशन
एसएससी ने 30 मई से राज्य सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों के लिए भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था, और आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई रखी गई है। अब तक 3.5 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से अधिकांश शिक्षण पदों के लिए हैं। 
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई थी भर्ती प्रक्रिया
यह भर्ती प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के 3 अप्रैल के आदेश के बाद शुरू हुई, जिसमें 2016 के एसएलएसटी भर्ती पैनल को खारिज कर दिया गया था और 25,753 शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द कर दी गई थीं। कोर्ट ने कहा कि इस चयन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, जिससे पूरी प्रक्रिया को सुधारने की आवश्यकता है। एसएससी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए यह सुनिश्चित किया कि केवल उन शिक्षकों को पुनः नियुक्ति दी जाए, जिनके खिलाफ कोई आपत्ति नहीं थी। इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि जो उम्मीदवार पहले से नौकरी में हैं, वे नई भर्ती प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।
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संदिग्ध शिक्षकों के पक्ष में खड़ी हैं सरकार और SSC
याचिकाकर्ताओं ने भर्ती गाइडलाइनों पर आपत्ति जताई थी, जिनमें संदिग्ध उम्मीदवारों को फिर से आवेदन करने की अनुमति दी गई थी। उनका कहना था कि यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। टीएमसी नेता और वरिष्ठ वकील कालन बंधोपाध्याय ने कोर्ट में यह तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने विशेष रूप से संदिग्ध उम्मीदवारों को नई भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने से नहीं रोका है।

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