पश्चिम बंगाल में हुए एसएससी भर्ती घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पीएमएलए अदालत के समक्ष छह कंपनियों और 2 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इन दो लोगों में पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी दोस्त अर्पिता मुखर्जी का नाम शामिल है। दोनों को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत 23 जुलाई को भर्ती घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने उनके फ्लैट से करोड़ों रुपये बरामद किए थे।
ईडी ने घोटाले में कथित रूप से अर्पिता मुखर्जी से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान लगभग 50 करोड़ रुपये की नकदी, विदेशी मुद्रा, आभूषण और सोने के बिस्कुट बरामद किए थे। ईडी ने बताया कि उसने पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले में 48.22 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। यह दोनों संपत्तियां पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी की थी। दोनों के पास से ईडी अभी तक 103.10 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है।
इससे पहले गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली को स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था, क्योंकि उन्होंने कथित रूप से अनुचित लाभ उठाया था। बताया गया था कि पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्कूलों में ग्रुप-सी स्टाफ के पद पर अयोग्य और गैर-सूचीबद्ध उम्मीदवारों को अवैध नियुक्तियों में इनकी संलिप्तता मिली थी। सीबीआई ने उसी दिन पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) घोटाले के सिलसिले में एक सॉफ्टवेयर कंपनी के दिल्ली और कोलकाता में छह स्थानों पर छापेमारी की थी। चटर्जी पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार में 2014 से 2021 तक शिक्षा मंत्री रहे थे।