मुंबई की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने तेलुगु कवि वरवरा राव की जमानत के लिए कई शर्तें तय की हैं। राव को 2018 के भीमा-कोरेगांव मामले में हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी थी।
अपने आवास पर किसी सभा की मेजबानी नहीं करेंगे
कोर्ट ने उन पर कई पाबंदियां लगाई हैं। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, वरवरा राव अब मुंबई और अपने आवास पर किसी भी सभा की मेजबानी नहीं करेंगे। इसके अलावा वह किसी अन्य आरोपी से भी बात नहीं करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था निचली अदालत को शर्त तय करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राव को 10 अगस्त को जमानत दे दी थी और निर्देश दिया था कि निचली अदालत जमानत के लिए शर्तें तय करे। तदनुसार, राव के वकील ने बुधवार को स्पेशल कोर्ट से जमानत की शर्तें निर्धारित करने का अनुरोध किया।
आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों से नहीं करेंगे बात
स्पेशल एनआईए कोर्ट ने शुक्रवार रात को जारी किए अपने आदेश में राव को किसी भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल नहीं होने के लिए कहा, जैसा कि उनके खिलाफ मामला है। अदालत के आदेश के मुताबिक वह संचार के किसी भी माध्यम से इसी तरह की गतिविधियों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को घरेलू या अंतरराष्ट्रीय कॉल नहीं करेंगे।
मीडिया के सामने बयान देने पर भी रोक लगाई
इसके अलावा राव को निर्देश दिया गया है कि वह सह-आरोपी या इसी तरही की गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति से संपर्क या संवाद न करें। उन्हें मामले को लेकर मीडिया के सामने कोई बयान नहीं देने को भी कहा गया है।
50 हजार रुपये की राशि का नया मुचलका भरने को कहा
अदालत ने आरोपी को 50,000 रुपये की राशि का नया मुचलका भरने को भी कहा है। राव को अपने मुंबई के आवास का विस्तृत पता, उनका संपर्क नंबर, उनके तीन करीबी रिश्तेदारों और उनके साथ रहने वाले व्यक्तियोंके नंबर देने के लिए भी कहा गया है।