महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के बेटे ऋषिकेश देशमुख सोमवार को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में उन्हें जमानत दे दी। धनशोधन रोकथाम कानून से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष कोर्ट के सामने ऋषिकेश पेश हुए। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद कोर्ट ने इस साल फरवरी में ऋषिकेश को समन जारी किया था। आरोपपत्र में ऋषिकेश को भी आरोपी बनाया गया है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कोर्ट में पेश होने के बाद ऋषिकेश ने अपने वकील अनिकेत निकम के जरिए आवेदन दायर किया। अर्जी में कोर्ट से उनकी पेशी को स्वीकार करने का अनुरोध किया गया। इसके साथ ही उन्होंने कोर्ट जमानत देने का भी निवेदन किया।
ऋषिकेश ने दलील दी कि ईडी के मामले में आरोप जनवरी 2020 से अप्रैल 2021 के बीच तत्कालीन गृह मंत्री के रूप में उनके पिता के कथित कामों तक सीमित हैं। याचिका में कहा गया कि बंबई हाईकोर्ट ने मामले में अनिल देशमुख को पहले ही जमानत दे दी है। हालांकि, भ्रष्टाचार के आरोप में उनके खिलाफ दर्ज अन्य मामले में वह अब भी जेल में हैं।