पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को भाजपा राज्य में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव लेकर आई जिसको पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने खारिज कर दिया और कहा कि इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके बाद भाजपा विधायकों ने पश्चिम बंगाल विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। बिमान बनर्जी ने कहा कि उचित मानदंडों का पालन करते हुए प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया गया।
ममता बनर्जी से बयान की मांग
भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि पार्टी राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती अपराध दर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बयान चाहती है। भाजपा विधायक दल को प्रस्ताव पर चर्चा करने और पढ़ने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद, पार्टी सदस्यों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए और सदन से वॉकआउट किया। उन्होंने सदन के बाहर नारे लगाए और इस मुद्दे पर सीएम से बयान की मांग की।
भाजपा मणिपुर से ध्यान भटकाने की कोशिश
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि राज्य में पूरी तरह से अराजक स्थिति है। हम महिलाओं के खिलाफ बढ़ती अपराध की घटनाओं के मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा चाहते थे। लेकिन अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी। जब भी विपक्ष राज्य के लोगों से संबंधित कोई मुद्दा उठाने की कोशिश करता है, तो हमें ऐसा करने की अनुमति नहीं दी जाती है। यह निंदनीय है। राज्य के संसदीय कार्य मंत्री सोवन्देब चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया कि भाजपा खेमा जातीय संघर्षग्रस्त मणिपुर में अपनी विफलता से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।
चट्टोपाध्याय ने कहा कि भाजपा मणिपुर से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। वे भाजपा शासित मणिपुर में हिंसा की तुलना पश्चिम बंगाल के शांतिपूर्ण माहौल से करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर वे महिलाओं की सुरक्षा को लेकर इतने चिंतित हैं, तो वे मणिपुर में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की निंदा क्यों नहीं कर रहे हैं।
मणिपुर में हिंसा के खिलाफ प्रस्ताव पश्चिम बंगाल विधानसभा में पेश किया जाएगा
संसदीय कार्य मंत्री सोवनदेब चट्टोपाध्याय ने कहा कि मणिपुर में जातीय हिंसा, जिसमें 160 से अधिक लोग मारे गए हैं, पर चर्चा और निंदा करने के लिए एक प्रस्ताव 31 जुलाई को पश्चिम बंगाल विधानसभा में पेश किया जाएगा। विधानसभा में यह प्रस्ताव पेश करने का निर्णय इस सप्ताह की शुरुआत में एक सर्वदलीय बैठक में किया गया था, जिसका विपक्षी भाजपा ने बहिष्कार करने का फैसला किया था। बुधवार को बिजनेस एडवाइजरी (बीए) समिति की बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि प्रस्ताव 31 जुलाई को पेश किया जाएगा।