अनचाही कॉल और अनरजिस्टर्ड टेली-मार्केटिंग कंपनियों के खिलाफ टेलीकॉम मंत्रालय ने तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। दूरसंचार विभाग और टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने टेलीकॉम सर्विसेज यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं।
इस बीच c अब तक संचार साथी की मदद से अब तक 1 करोड़ से ज्यादा धोखाधड़ी वाले मोबाइल कनेक्शन काटे जा चुके हैं। इसके अलावा, साइबर अपराध/वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल 2.27 लाख मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक किए गए हैं।
वहीं, मंत्रालय ने हाई स्पीड डेटा के साथ स्पैम फ्री क्वालिटी टेलीकॉम सर्विस को सक्षम करने के लिए कई उपाय शुरू किए गए हैं। मंत्रालय ने स्पैम कॉल की समस्या को रोकने के लिए ट्राई ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स को निर्देश दिया है कि वे रोबोकॉल और प्री-रिकॉर्डेड कॉल सहित स्पैम कॉल के लिए बल्क कनेक्शन का उपयोग करने वाली संस्थाओं को डिस्कनेक्ट और ब्लैकलिस्ट करें। पिछले 15 दिनों 3.5 लाख से अधिक ऐसे नंबर डिस्कनेक्ट किए गए हैं और 50 संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया गया है। इसके अलावा लगभग 3.5 लाख अनयूज्ड/अनवेरिफाइड एमएसम हेडर्स और 12 लाख कंटेंट टेम्प्लेट ब्लॉक किए गए हैं।
इसके साथ ही, नेटवर्क परफॉर्मेंस में सुधार लाने के उद्देश्य से, नेटवर्क पारामीटर्स, कॉल ड्रॉप रेट, पैकेट ड्रॉप रेट आदि जैसे प्रमुख नेटवर्क मापदंडों के लिए बेंचमार्क को धीरे-धीरे कड़ा किया जाना है। इस संबंध में ट्राई ने अपने संशोधित नियम, एक्सेस (वायरलाइन और वायरलेस) और ब्रॉडबैंड (वायरलाइन और वायरलेस) सेवा विनियम, 2024 (2024 का 06) की सर्विस क्वालिटी के मानक जारी किए हैं। ये नियम 1 अक्टूबर, 2024 से लागू होंगे।
ट्राई ने पूर्व-निर्धारित सीमा से अधिक शिकायतें प्राप्त होने पर अपंजीकृत टेलीमार्केटर्स की सेवाओं को तत्काल निलंबित करने और संदिग्ध स्पैमर्स का एक्टिव पता लगाने और उन पर कार्रवाई करने के प्रावधानों पर कंसल्टेशन पेपर भी जारी किए हैं। दूरसंचार विभाग और ट्राई नीतियों के माध्यम से भारत में टेलीकॉम सर्विसेज और सिक्योरिटी को बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, सर्विस क्वालिटी और शिकायत निवारण सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।